पहले चरण में 3314 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी कराए जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों के लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले यानी 23 अक्टूबर को पूरी होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, राजस्थान की कुल 6940 ग्राम पंचायतों में से करीब आधी ग्राम पंचायतों को इसी महीने नए पंच, सरपंच और उपसरपंच मिल जाएंगे। पहले चरण में शामिल 3314 ग्राम पंचायतों में 25 अक्टूबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि दूसरे चरण में 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं, पंचायत चुनाव के शेष दो चरणों की प्रक्रिया अगले महीने पूरी होगी। इस तरह चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की है। इस बार मतदान दलों और सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ गद्दे, चादर और तकिया लेकर नहीं जाना पड़ेगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान दलों के ठहरने वाले स्थानों पर बिस्तर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा मतदान कर्मियों और मतदाताओं के लिए छाया, पानी और रोशनी की व्यवस्था के भी निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना है।
पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान मतदान कर्मियों को करीब पांच दिन तक अपने निर्धारित स्थान पर रुकना होगा। इसे देखते हुए उनके लिए कुक और हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे।
इस व्यवस्था का खर्च मतदानकर्मियों को स्वयं वहन करना होगा। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा।
आयोग की ओर से प्रत्येक मतदान दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के लिए कुल 17,650 रुपए दिए जाएंगे। एक मतदान दल में सहायक मतदान अधिकारी से लेकर रिटर्निंग अधिकारी तक कुल छह कर्मचारी शामिल होंगे। इन्हें प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे।
पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 10 प्रमुख प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के इस्तेमाल के साथ ही सभा और जुलूस निकालने के लिए भी अनुमति लेना जरूरी होगा।
BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच पद के प्रत्याशियों को प्रचार के लिए निर्धारित समय का ही पालन करना होगा। चुनाव परिणाम आने के बाद विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखेगा और माहौल खराब करने वाली पोस्ट सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब पहले चरण में नामांकन प्रक्रिया के साथ प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में चुनावी गतिविधियां तेज होंगी।