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मदन राठौड़ के बयान पर राजस्थान में सियासी घमासान, अजमेर में BJP कार्यालय की दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक नारे

अजमेर। भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के कथित विवादित बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। मदन राठौड़ की ओर से सफाई दिए जाने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में अजमेर में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला कार्यालय की बाहरी दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने और पोस्टर चिपकाने का मामला सामने आया है।

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस तरह के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता मदन राठौड़ के बयान को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

भाजपा कार्यालय के बाहर लगाए विवादित पोस्टर

अजमेर में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिला कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कार्यालय के मुख्य द्वार तथा आसपास की दीवारों पर पोस्टर चिपकाए। पोस्टरों पर ‘मदन राठौड़ गद्दार’, ‘मदन राठौड़ मुर्दाबाद’ और ‘मदन राठौड़ पाकिस्तान जाओ’ जैसे नारे लिखे गए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बैठे नेता को सार्वजनिक बयान देते समय जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके मुताबिक बयान से जुड़ा विवाद गंभीर है और इस पर राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए।

इस घटनाक्रम के बाद भाजपा कार्यालय के आसपास माहौल गरमा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों और दीवारों पर लिखे गए शब्दों को अनुचित बताते हुए विरोध जताया।

सफाई के बाद भी कांग्रेस का विरोध जारी

विवाद बढ़ने के बाद मदन राठौड़ ने अपने बयान पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनके भाषण के करीब 20 सेकंड के हिस्से को काटकर गलत संदर्भ में प्रसारित किया गया। उनके अनुसार, उनकी बात भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच और देशभक्ति से जुड़े विषय पर केंद्रित थी, लेकिन वीडियो के एक हिस्से को अलग करके पेश किया गया।

हालांकि, कांग्रेस ने उनकी सफाई को स्वीकार नहीं किया है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि बयान को लेकर उनकी आपत्ति बरकरार है। इसी वजह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

कांग्रेस के अग्रिम संगठनों यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल के कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर रैलियों और अन्य विरोध कार्यक्रमों के जरिए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाते हुए भाजपा प्रदेश नेतृत्व से जवाब मांग रही है।

जयपुर से अजमेर तक राजनीतिक प्रदर्शन

मदन राठौड़ के बयान को लेकर कांग्रेस का विरोध केवल अजमेर तक सीमित नहीं है। जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और कुछ स्थानों पर पुतला दहन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को अपने शब्दों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। वहीं, मदन राठौड़ ने बयान के संदर्भ को लेकर अपना पक्ष रखा है और वीडियो के एक हिस्से को काटकर प्रसारित किए जाने की बात कही है।

इस तरह दोनों दलों के बीच बयान के अर्थ और उसके संदर्भ को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।

भाजपा ने जताया आक्रोश, कार्रवाई की मांग

अजमेर स्थित भाजपा जिला कार्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने और पोस्टर चिपकाए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। भाजपा पक्ष ने इस घटना को अनुचित आचरण बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

राजनीतिक विरोध के बीच सार्वजनिक संपत्ति और कार्यालयों की दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखने का मामला भी चर्चा में आ गया है। इस तरह की घटनाओं से स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए पुलिस प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल मदन राठौड़ के बयान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर कांग्रेस उनकी सफाई के बावजूद विरोध पर कायम है, वहीं दूसरी ओर भाजपा अजमेर कार्यालय में हुए प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई की मांग कर रही है। इस पूरे मामले में आगे की स्थिति पुलिस की कार्रवाई और दोनों दलों की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।