राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सबक सिखाना आवश्यक है, तभी वे राष्ट्रभक्त बनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में टिकट कटने से नाराज होकर बागी हुए पार्टी नेताओं को भी सख्त चेतावनी दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ रची जा रही साजिशों का जिक्र करते हुए मदन राठौड़ ने कहा:
भारत की प्रगति से जलन: जब कोई व्यक्ति या देश प्रगति करता है, तो कई विरोधी उससे जलने लगते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती ताकत को रोकने के लिए विदेशी ताकतों ने देश के भीतर अस्थिरता फैलाने की कोशिशें शुरू कीं।
बेकार साबित हुआ निवेश: राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर निवेश किया था, लेकिन वह पूरी तरह बेकार चला गया। राहुल गांधी को जितना पैसा दिया गया, उन्होंने जो भी कदम उठाया उससे उल्टा भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा पहुँच गया।
विपक्षी रणनीति में बदलाव का दावा करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए:
तरीका बदलकर नया निवेश: जब विदेशी ताकतों को लगा कि राहुल गांधी पर किया गया निवेश निष्फल हो रहा है, तो उन्होंने अपना तरीका बदल दिया।
आगज़नी और गंदी भाषा का नाटक: अब विरोधी देश 'कॉकरोच' जैसे तत्वों को तैयार कर रहे हैं और उन पर निवेश कर रहे हैं। ये लोग जगह-जगह सुगबुगाहट पैदा करते हैं, नाटक रचते हैं, आगजनी करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
विकास बाधित करने की साजिश: इस तरह के उपद्रव से देश का ध्यान उन्हें शांत करने में लग जाता है और विकास कार्य ठप हो जाते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा और देश की जनता ऐसे हथकंडों से डरने या रुकने वाली नहीं है।
निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय उतरे बागी नेताओं को मदन राठौड़ ने कड़ा संदेश दिया:
पार्टी निष्ठा सर्वोपरि: बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में पार्टी के बागी उम्मीदवारों पर रुख कड़ा करते हुए राठौड़ ने कहा कि पार्टी ही कार्यकर्ता की माँ होती है।
कार्रवाई का हुक्म: जो लोग अपनी माँ (पार्टी) की पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रहे हैं, उन्हें भारतीय जनता पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशियों को जीत दिलाने का आह्वान किया।