29 जुलाई 1967 को हरियाणा के पानीपत में जन्मे संजय भाटिया ने आई.बी. कॉलेज, पानीपत से बी.कॉम की पढ़ाई की। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रही। संगठनात्मक कार्यों में सक्रियता ने उन्हें शुरुआती दौर से ही अलग पहचान दिलाई।
संजय भाटिया ने 1987 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। पहले मंडल सचिव और बाद में जिला महासचिव के रूप में उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन में उनकी कार्यशैली और अनुशासन ने उन्हें युवा नेतृत्व की कतार में खड़ा कर दिया।
1998 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) हरियाणा का प्रदेश महासचिव बनाया गया। इसके बाद उनका संगठनात्मक कद लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2015 से 2021 तक वे लगातार छह साल हरियाणा बीजेपी के प्रदेश महासचिव रहे। इस दौरान उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संजय भाटिया को 2019 लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा को 6.56 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया। यह जीत हरियाणा की राजनीति की सबसे बड़ी चुनावी जीतों में शामिल रही और इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेतृत्व ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को करनाल से चुनाव लड़ाने का फैसला किया। ऐसे में संजय भाटिया ने पार्टी के निर्णय को स्वीकार करते हुए अपनी सीट छोड़ दी। इसे संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण माना गया।
मार्च 2026 में बीजेपी ने उन्हें हरियाणा से राज्यसभा भेजा। इसके बाद अगस्त 2026 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया। संगठन में यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी विस्तार तथा रणनीति से जुड़ा होता है।
राजस्थान बीजेपी के नए प्रभारी के रूप में संजय भाटिया के सामने सरकार और संगठन के बीच समन्वय मजबूत करना, आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी को मजबूती दिलाना तथा बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखना बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। सह-प्रभारी कविता पाटीदार और कुलजीत चहल के साथ मिलकर वे राज्य में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने पर फोकस करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में संजय भाटिया की पहचान शांत, अनुशासित और रणनीतिक तरीके से काम करने वाले नेता के रूप में होती है। यही कारण है कि बीजेपी नेतृत्व ने राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी उनके हाथों में सौंपी है।