मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बयाना से उनका बेहद करीबी और अटूट जुड़ाव रहा है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और युवाओं से बयाना में पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव कदम उठा रही है और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हर तीन महीने में कोई न कोई चुनाव होता रहता था, जिससे समय और सरकारी धन की भारी बर्बादी होती थी और विकास कार्य ठप पड़ जाते थे।
चुनावी सुधार: विधानसभा में किए गए वादे के मुताबिक सरकार ने 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
तिहरे इंजन की सरकार: निकाय चुनाव एक साथ संपन्न कराने से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इसी तर्ज पर ग्राम पंचायत चुनावों के जरिए "तीसरा इंजन" लगाकर गांव-गांव तक विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।
जल संकट के स्थायी समाधान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पानी से जुड़े 10 बड़े समझौतों में से 4 अकेले राजस्थान से संबंधित हैं:
ईआरसीपी (ERCP) समझौता: मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता किया गया, जिसे पिछली सरकारें इच्छाशक्ति की कमी के कारण अटकाए हुए थीं।
यमुना जल समझौता: हरियाणा सरकार के साथ ताजेवाला हेडवर्क्स से पानी लाने का समझौता पूरा हुआ।
नर्मदा जल समझौता: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के बीच चार राज्यों का अंतरराज्यीय समझौता।
छह राज्यों का साझा समझौता: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच जल बंटवारे को लेकर समझौता।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र का ब्योरा देते हुए बताया कि कांग्रेस के 5 साल के कार्यकाल में महज 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ था, जबकि उनकी सरकार ने मात्र ढाई साल के भीतर 12,000 मेगावाट बिजली का रिकॉर्ड उत्पादन कर दिखाया है।
"राजस्थान पहले दूसरे राज्यों से बिजली खरीदता था, लेकिन अब हम बिजली बेचने वाले राज्य बन गए हैं। साल 2027 तक हमारा लक्ष्य किसानों को दिन के समय बिजली, उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति और आम उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है।"
रोजगार और प्रशासनिक प्रदर्शन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित आंकड़े प्रस्तुत किए:
नियुक्ति पत्र: युवाओं को 1 लाख 89 हजार नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
परीक्षाएं व रिक्तियां: 1 लाख 22 हजार पदों पर परीक्षाएं कराई जा चुकी हैं और 1 लाख 25 हजार नई भर्तियों के लिए विज्ञप्ति निकाली जा चुकी है।
संकल्प पत्र का प्रगति कार्ड: चुनाव संकल्प पत्र के 392 वादों में से 78 प्रतिशत वादे पूरे किए जा चुके हैं।
ग्रामीण विकास: आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 50,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
संवेदनशीलता की राजनीति पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जनता के दुख-सुख में साथ खड़े रहने वाली सरकार को ही हमेशा जनता का आशीर्वाद मिलता है।