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सीएम भजनलाल शर्मा की युवाओं से अपील: 'केवल सरकारी नौकरी के पीछे न भागें, अपनी प्रतिभा से रोजगार देने वाले बनें'

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल सरकारी नौकरी पाने के ही पीछे न भागें, बल्कि अपने कौशल, ज्ञान और प्रतिभा के बल पर खुद का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाले (Job Creators) बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री शर्मा मंगलवार को जयपुर के सिरसी रोड स्थित अलंकार महिला पीजी कॉलेज में आयोजित 51वीं सब-जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन खेल प्रतियोगिता के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देशभर से आए विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

 

'पिछली सरकार में पेपर लीक होते थे, हमारे कार्यकाल में निष्पक्ष आयोजित हुईं 415 परीक्षाएं'

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर जोर दिया:

  • पेपर लीक पर कड़ा प्रहार: सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में आए दिन पेपर लीक की घटनाएं होती थीं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता था।

  • पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था: उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के करीब ढाई साल के कार्यकाल में राज्य में 415 परीक्षाएं सफलतापूर्वक और पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई हैं। इस दौरान एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है।

 

'योग भारत की प्राचीन विरासत; अब केवल अभ्यास नहीं, खेल स्पर्धा बना'

मुख्यमंत्री ने योग की महत्ता रेखांकित करते हुए कहा कि योग राजस्थान और भारत की प्राचीन संस्कृति एवं अनमोल धरोहर है:

  • प्रतियोगिता के रूप में बढ़ता आकर्षण: उन्होंने कहा कि आज के छोटे बच्चे और युवा योग को केवल शारीरिक अभ्यास के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में अपना रहे हैं।

  • राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन: जयपुर में 3 से 6 अक्टूबर तक आयोजित इस 51वीं सब-जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देश के कोने-कोने से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

 

'पीएम मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई; कर्म की कुशलता ही सच्चा योग'

समारोह में योग को दैनिक जीवन में अपनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

  • करोड़ों लोगों की दिनचर्या: योग और प्राणायाम आज देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। योग हमारे शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने का काम करता है।

  • वैश्विक पहचान का श्रेय: योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। 21 जून को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और अब योग भारत की सीमाओं से निकलकर विश्व बंधुत्व का माध्यम बन चुका है।

  • स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन: श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कर्म की कुशलता ही वास्तविक योग है। जीवन में नियमित योग अपनाने से शरीर स्वस्थ रहता है, तनाव दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बच्चों के अनुशासन, एकाग्रता और योग के प्रति बढ़ते समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।