इसी क्रम में पार्टी शुक्रवार से उदयपुर संभाग से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन’ का आगाज करने जा रही है।
गुरुवार को जयपुर स्थित पीयूसीएल (PUCL) कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के नेशनल कन्वीनर आशुतोष रांका ने अभियान की रूपरेखा साझा की:
दीया जलाकर विरोध और उम्मीद: प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आशीर्वाद का दीया जलाया। रांका ने कहा, "हम आदिवासी इलाकों के स्कूलों में दीया जलाकर उम्मीद करेंगे कि सरकार इन उपेक्षित स्कूलों की सुध लेगी।"
देशभर में विस्तार की योजना: इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के उदयपुर संभाग से होगी। इसके बाद इसे देश के अन्य आदिवासी बहुल राज्यों में भी ले जाया जाएगा।
‘आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन’ के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं की टीमें जमीनी स्तर पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेंगी:
राजस्थान के लक्षित क्षेत्र: राजस्थान में उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़, सिरोही, बारां और अंता जैसे आदिवासी आबादी वाले जिलों के सरकारी स्कूलों का दौरा किया जाएगा।
स्थिति की रिपोर्टिंग: टीमों द्वारा इन स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, भवनों की स्थिति और शैक्षणिक माहौल का गहन डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा।
अन्य राज्यों में नेटवर्क: राजस्थान के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर (North East) के राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में भी यह अभियान चलाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रांका ने अब तक के अभियानों के आंकड़े साझा करते हुए जर्जर स्कूल भवनों पर चिंता व्यक्त की:
15 हजार से अधिक स्कूलों का ऑडिट: सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अब तक देशभर में 15,000 से अधिक और अकेले राजस्थान में 500 से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है।
झालावाड़ हादसे का जिक्र: जुलाई 2025 में झालावाड़ में स्कूल की इमारत गिरने की घटना का हवाला देते हुए रांका ने कहा कि मासूम बच्चों के साथ कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही सरकार को स्कूलों की जर्जर इमारतों को सुरक्षित करना चाहिए और जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।