ओवैसी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसका नाम सूची में सही तरीके से दर्ज हो। उन्होंने लोगों से अपने वोटर रिकॉर्ड की नियमित जांच करने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में समय रहते सुधार करवाने की सलाह दी।
ओवैसी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र कर सकते हैं। ऐसे में यदि BLO घर आता है या कोई नोटिस देता है तो उसे गंभीरता से लें और मांगे गए दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग नोटिस मिलने के बाद भी उसे महत्व नहीं देते, जिससे बाद में परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी मतदाताओं को अपने दस्तावेज व्यवस्थित रखने चाहिए और संबंधित प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो वह Form-6 भरकर अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि निर्वाचन आयोग की ओर से नाम जोड़ने और सुधार करने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
उन्होंने लोगों से कहा कि यदि किसी कारण से उनका नाम सूची से छूट गया है या पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें और अपने मताधिकार को सुरक्षित रखें।
ओवैसी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार रिकॉर्ड में तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियां भी सामने आ सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति जीवित है लेकिन रिकॉर्ड में उसका नाम गलती से मृतक के रूप में दर्ज हो गया है, तो उसे तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सुधार के लिए आवेदन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि को समय रहते ठीक कराया जाना जरूरी है, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
ओवैसी ने कहा कि AIMIM के कार्यकर्ता भी लोगों को SIR प्रक्रिया की जानकारी देने और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों को केवल राजनीतिक चर्चाओं पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी अपने मतदाता रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदाता सूची की स्थिति जांचने के लिए प्रेरित करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।
SIR (Special Intensive Revision) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखना है। इस प्रक्रिया के तहत पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित किए जाते हैं तथा गलत, दोहराए गए या अपात्र नामों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
इस दौरान निर्वाचन अधिकारी और BLO विभिन्न स्तरों पर जानकारी का सत्यापन करते हैं। यदि किसी मतदाता को नोटिस जारी किया जाता है तो उसे निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत करना होता है।
SIR को लेकर देश में राजनीतिक बहस भी जारी है। विभिन्न राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ दल इसे मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ विपक्षी दलों ने इसके कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
इसी बीच ओवैसी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचें और अपने नाम, पते तथा अन्य विवरणों की जांच कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। उनका कहना है कि जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है और हर नागरिक को अपने मतदान अधिकार की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए।