भीलवाड़ा: राजस्थान की राजनीति में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट के बीच जबानी जंग छिड़ गई है। भीलवाड़ा में पुलिस और प्रशासन को लेकर दिए गए रामलाल जाट के विवादास्पद बयान पर केंद्रीय मंत्री शेखावत के कड़े एतराज के बाद, शुक्रवार रात पूर्व मंत्री ने भी जोरदार पलटवार किया।
रामलाल जाट ने तेवर तल्ख करते हुए कहा— "बेईमान अधिकारियों का मुंह काला कर गधे पर घुमाओ। मुकदमों से न रामलाल डरेगा और न ही कांग्रेस पार्टी।"
इससे पहले शुक्रवार को भीलवाड़ा सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व मंत्री रामलाल जाट की भाषाशैली पर गहरा एतराज जताया था:
अधिकारियों के सम्मान का मुद्दा: शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी नीतियों, योजनाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों के काम की आलोचना करने का अधिकार हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को है, लेकिन सार्वजनिक रूप से अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का संवैधानिक अधिकार किसी को नहीं है।
सख्त कार्रवाई की मांग: शेखावत ने कहा कि जो नेता पुलिस अधिकारियों के लिए अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं, वे कल किसी आम नागरिक या पत्रकार के साथ भी ऐसा व्यवहार कर सकते हैं। उन्होंने भीलवाड़ा एसपी से अपने अधिकारियों के सम्मान की रक्षा करने और पूर्व मंत्री के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला:
एफआईआर की चुनौती: जाट ने कहा, "यह उनकी मर्जी है, एफआईआर दर्ज करा दें। एफआईआर से न तो रामलाल जाट डरने वाला है और न ही कांग्रेस पार्टी। हमारे नेता राहुल गांधी के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 36 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।"
शेखावत पर निशाना: पूर्व मंत्री ने शेखावत पर भी दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री दूसरों के गिरेबान में झांकने और उपदेश देने से पहले अपनी खुद की स्थिति देखें।
अपने बयान पर कायम रहते हुए रामलाल जाट ने अधिकारियों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए:
अधिकारियों पर टिप्पणी: जाट ने कहा— "मैं आज भी अपने बयान पर कायम हूं कि जो अधिकारी संविधान की शपथ लेकर भी बेईमानी करते हैं, वे पूरी तरह बेईमान हैं।"
चुनाव आयोग पर आरोप: उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (ज्ञानेश कुमार) का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का असली काम मतदाताओं का नाम जोड़ना है, लेकिन वर्तमान में वोट काटने का काम किया जा रहा है।