बैठक में शामिल होने के लिए विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे हैं:
प्रमुख चेहरे: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी, सपा सांसद इकरा हसन सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
व्यापक सहभागिता: राहुल गांधी ने इस बार के मंथन में केवल राजनीतिक दलों तक सीमित न रहते हुए छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया है। बैठक के बाद सभी नेता संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आकर अपनी आगामी रणनीति का ऐलान करेंगे।
बैठक में शामिल होने पहुंचीं समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने मीडिया से बातचीत करते हुए सत्ता पक्ष पर कड़ा हमला बोला:
विपक्ष की एकजुटता: उन्होंने दो टूक कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र से जुड़ा हुआ है।
इकरा हसन ने जोर देकर कहा, "चाहे CJP हो या आम आदमी पार्टी या अन्य घटक, हम सभी एक ही सत्तावादी और तानाशाही सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं। यही वजह है कि देशहित और संविधान बचाने के लिए हम सब एक मंच पर एकजुट हैं।"
गौरतलब है कि विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध में पिछले दिनों (6, 7, 8, 9 और 12 अक्टूबर) लगातार उग्र प्रदर्शन किए हैं:
सुप्रीम कोर्ट का रुख: सोमवार को ही कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के 11 प्रमुख नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा मार्च निकाला था और SIR के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका भी दाखिल की है।
अब इस 'चाय पर चर्चा' के जरिए विपक्ष यह रूपरेखा तैयार कर रहा है कि कानूनी मोर्चे के साथ-साथ सड़क पर इस जन-आंदोलन को किस प्रकार और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।