जयपुर: राजधानी जयपुर को अपना नया प्रथम नागरिक मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए मेयर (महापौर) चुन लिए गए हैं। कड़े मुकाबले और हंगामे के बीच हुए मतदान में सुनील कोठारी ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए जीत हासिल की।
जीत के बाद पंडितों द्वारा निकाले गए शुभ मुहूर्त के अनुसार सुनील कोठारी ने गुरुवार शाम 5 बजे अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया।
मेयर पद के लिए हुए मतदान में भाजपा प्रत्याशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की:
वोटों का आंकड़ा: भाजपा के सुनील कोठारी को कुल 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी सुनीता मावर को 60 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
क्रॉस वोटिंग और निर्दलीयों का साथ: सुनील कोठारी को अपनी पार्टी के पार्षदों के अलावा 11 अन्य (निर्दलीय/अन्य) पार्षदों का भी समर्थन मिला, जिसके दम पर उन्होंने 29 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
सुनील कोठारी का प्रोफाइल: वार्ड संख्या 112 से पार्षद चुने गए सुनील कोठारी ने कांग्रेस उम्मीदवार को करीब 900 वोटों से हराया था। वे इससे पहले भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
जीत के बाद मीडिया (भास्कर) से खास बातचीत में नए मेयर सुनील कोठारी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं:
सुगम जीवन और विकास: उन्होंने कहा, "जयपुर की जनता का जीवन सरल बने, यह हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी। हम एक ऐसा शहर बनाएंगे जो लोगों के सपनों को उड़ान दे सके।"
विपक्ष का सम्मान: कोठारी ने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मजबूत विपक्ष शहर के विकास में मददगार साबित होगा। हम सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
हेरिटेज और सफाई पर फोकस: उन्होंने कहा कि जयपुर का ऐतिहासिक परकोटा विश्व धरोहर है, इसकी ऐतिहासिकता बनी रहे इस पर विशेष काम किया जाएगा। साथ ही स्वच्छता शहर की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
मेयर चुनाव के लिए मतदान के दौरान नगर निगम परिसर में जमकर हंगामा देखने को मिला:
रफीक खान को रोका: मतदान के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान निगम मुख्यालय पहुंचे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
धरने पर बैठे नेता: एंट्री न मिलने से नाराज होकर रफीक खान, किशनपोल विधायक अमीन कागजी और कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ निगम के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
दबाव के आरोप: कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर अपने पार्षदों को वोट डालने से रोकने और दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और धरना समाप्त किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, जयपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर (उपमहापौर) पद के लिए चुनाव कल यानी शनिवार को संपन्न होगा। मेयर पद पर मिली बड़ी जीत के बाद भाजपा खेमा अब डिप्टी मेयर की कुर्सी पर भी अपना कब्जा जमाने की रणनीति में जुट गया है।