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जयपुर नगर निगम: BJP में मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए लॉबिंग तेज, वैश्य समाज से बन सकता है मेयर, जानिए दावेदारों का गणित

जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों में 150 में से 78 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अब बोर्ड गठन की कवायद तेज हो गई है। बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद अब शहर सरकार का नया 'मेयर' और 'डिप्टी मेयर' कौन होगा, इसे लेकर नेताओं की लॉबिंग चरम पर है। बाड़ेबंदी में बंद बीजेपी पार्षदों से रायशुमारी के बाद पार्टी आलाकमान सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण साधने में जुटा है।

 

सुनील कोठारी और पुनीत कर्नावट में रेस

जयपुर शहर के सियासी समीकरणों को देखते हुए इस बार वैश्य समाज, विशेषकर जैन समुदाय से मेयर बनाए जाने की चर्चा सबसे मजबूत है:

  • सोशल इंजीनियरिंग का गणित: जयपुर शहर से वर्तमान में तीन ब्राह्मण, दो राजपूत, एक वैश्य और एक दलित विधायक हैं। सीएम भजनलाल शर्मा (ब्राह्मण) और दो मंत्री (राजपूत) जयपुर से ही आते हैं। वहीं, जयपुर से एकमात्र वैश्य विधायक कालीचरण सराफ को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। ऐसे में संतुलन बनाने के लिए वैश्य समाज को तरजीह दी जा रही है।

  • सुनील कोठारी पहली पसंद: पार्षदों से रायशुमारी, वरिष्ठता और वित्तीय स्थिति के आकलन के बाद सुनील कोठारी पार्टी की पहली पसंद बनकर उभरे हैं।

  • पुनीत कर्नावट से कड़ा मुकाबला: निवर्तमान डिप्टी मेयर पुनीत कर्नावट भी जैन समुदाय से आते हैं और उन्हें सीएम भजनलाल शर्मा का करीबी माना जाता है। हालांकि, टिकट बंटवारे के दौरान विधायक कालीचरण सराफ के साथ हुए खींचतान (जब सराफ ने कुलदीप मिश्रा को सिंबल दे दिया था) के चलते उनके नाम पर अंदरूनी चुनौतियां भी हैं।

 

विधायकों ने रखी अनोखी शर्त: "हमारी विधानसभा से न बने मेयर"

जयपुर शहर के भाजपा विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व के सामने एक दिलचस्प मांग रखी है:

  • गैर-विधायक वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता: विधायकों ने साफ कहा है कि जिस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का विधायक नहीं है, मेयर उसी क्षेत्र से बनाया जाए।

  • अंदरूनी प्रतिद्वंदिता का डर: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक अपनी ही विधानसभा में किसी नए ताकतवर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को खड़ा होने से रोकना चाहते हैं।

 

डिप्टी मेयर के लिए ब्राह्मण कार्ड खेलने की तैयारी: शैलेंद्र भार्गव सबसे आगे

जयपुर में पार्टी के सबसे बड़े कोर वोट बैंक (ब्राह्मण समाज) को साधने के लिए डिप्टी मेयर पद पर ब्राह्मण चेहरे को बिठाने का मंथन चल रहा है:

  • ब्राह्मण समाज का इतिहास: जयपुर नगर निगम के इतिहास में कभी कोई ब्राह्मण नेता पूर्णकालिक (फुल टाइम) मेयर नहीं रहा (केवल 2009 में पंकज जोशी 5 महीने रहे, जबकि पवन शर्मा व घनश्याम शर्मा कार्यवाहक रहे)। ऐसे में डिप्टी मेयर पद से इस बड़े वोट बैंक को साधने की योजना है।

  • शैलेंद्र भार्गव प्रबल दावेदार: शहर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके शैलेंद्र भार्गव को संगठन का लंबा अनुभव है और वे इस पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।

  • युवा चेहरों की चर्चा: यदि पार्टी किसी युवा चेहरे को जिम्मेदारी देती है, तो सीएम के ओएसडी आनंद शर्मा की पत्नी प्रतिभा शर्मा और सिविल लाइंस से पार्षद बने शशि प्रकाश शर्मा के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा राजपूत या मूल ओबीसी वर्ग से भी डिप्टी मेयर पद के लिए लॉबिंग जारी है।