चुनावी नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे, जिसके तुरंत बाद महापौर (Mayor) और उप-महापौर (Deputy Mayor) के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी।
जयपुर नगर निगम में राजनीतिक दलों के बीच चुनावी गणित काफी दिलचस्प बना हुआ है:
दोनों दलों के 149-149 प्रत्याशी: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने 150 में से 149-149 वार्डों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
निर्दलीय बिगाड़ रहे समीकरण: दोनों मुख्य दलों के अलावा शेष 425 उम्मीदवार निर्दलीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं, जो कई वार्डों में मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना रहे हैं।
चुनावी मुकाबला: कुल 16 वार्ड ऐसे हैं जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला (Direct Fight) देखा जा रहा है। वहीं, 4 वार्ड ऐसे भी हैं जहां 10 से अधिक प्रत्याशियों की मौजूदगी के कारण घमासान मचा हुआ है।
राजधानी में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और सामाजिक प्रतिनिधित्व के आंकड़े:
महिला आरक्षण: जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के आरक्षण में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
क्रिटिकल बूथों पर कड़ी सुरक्षा: चुनाव के लिए शहर भर में कुल 2,256 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 652 बूथों को 'क्रिटिकल' (अतिसंवेदनशील) श्रेणी में चिह्नित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल, वेबकास्टिंग और माइक्रो ऑब्जर्वर्स की तैनाती की गई है।