जसवंत कंवर के महापौर बनने के साथ ही भीलवाड़ा के करीब 75 साल पुराने नगरीय निकाय के इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। वह भीलवाड़ा नगर निगम की पहली महिला महापौर बनी हैं। उनके निर्वाचन के साथ ही शहर की नई नगर सरकार में भाजपा का नेतृत्व तय हो गया।
महापौर चुनाव में कांग्रेस की स्थिति इस बार बेहद कमजोर रही। पार्टी की अंदरूनी खींचतान और चुनावी रणनीति के बीच नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस की ओर से महापौर पद के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। ऐसे में भाजपा को कांग्रेस की ओर से सीधे मुकाबले का सामना नहीं करना पड़ा।
हालांकि निर्दलीय प्रत्याशी संतोष कंवर ने नामांकन दाखिल कर दिया था। इसलिए भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन के लिए उनका नामांकन वापस लेना जरूरी था। गुरुवार को संतोष कंवर के नामांकन वापस लेते ही यह औपचारिकता भी पूरी हो गई और जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर निर्वाचित घोषित कर दी गईं।
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों के लिए 14 सितंबर को हुए चुनाव में भाजपा ने 45 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। कांग्रेस को महज 10 सीटें मिलीं, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
इन 15 निर्दलीय पार्षदों में से 8 ने भाजपा को समर्थन दे दिया है। ऐसे में महापौर चुनाव से पहले ही भाजपा के पास मजबूत संख्या बल मौजूद था। इसी बहुमत के आधार पर भाजपा ने नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी।
महापौर पद के लिए भाजपा में कई नामों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के परिजनों की दावेदारी के बीच भाजपा आलाकमान ने नामांकन के कुछ घंटे पहले वार्ड 9 की नवनिर्वाचित पार्षद जसवंत कंवर के नाम पर मुहर लगाई।
जसवंत कंवर ने वार्ड 9 में महिला प्रत्याशियों के बीच सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उनके पति भूपेंद्र सिंह बीलिया भाजपा के जिला प्रवक्ता हैं। पार्टी ने अंतिम समय में जसवंत कंवर को प्रत्याशी बनाकर महिला महापौर को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विराम लगा दिया।
जसवंत कंवर ने नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 9 से शानदार जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 2,538 वोट मिले थे। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी खुशबू शर्मा को 373 वोट मिले। इस तरह जसवंत कंवर ने 2,165 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
निर्दलीय प्रत्याशी पल्लवी नागर को 255 वोट मिले, जबकि 112 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना था। वार्ड 9 में मिली यह बड़ी जीत भी जसवंत कंवर के पक्ष में प्रमुख राजनीतिक आधार बनी।
39 वर्षीय जसवंत कंवर ने एमए तक शिक्षा हासिल की है। उनका व्यवसाय गृहिणी है और उनकी राजनीति में शुरुआत पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से हुई। चुनाव से पहले भी वह अपने वार्ड में जनता के बीच सक्रिय रही हैं।
महापौर के रूप में उनके सामने अब शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दे हैं। उन्होंने शहर के चहुंमुखी विकास, पार्कों और चौराहों के सौंदर्यीकरण तथा नगर निगम में आमजन की समस्याओं की त्वरित सुनवाई को प्राथमिकता बताया है।
जसवंत कंवर की प्राथमिकताओं में निजी कॉलोनियों तक चंबल परियोजना का पानी पहुंचाना भी शामिल है। इसके अलावा सीवरेज परियोजना के बकाया काम को जल्द पूरा करवाने, शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की बात उन्होंने कही है।
शहर में आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए उन्हें काइन हाउस पहुंचाने तथा आवारा श्वानों के लिए सुरक्षित व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना भी उनकी कार्ययोजना में शामिल है।
इस तरह भीलवाड़ा नगर निगम को पहली महिला महापौर मिल गई है। अब शहर की नई नगर सरकार के सामने चुनाव के दौरान किए गए विकास संबंधी वादों को जमीन पर लागू करने की चुनौती होगी।