यात्रा बाड़मेर से शुरू होकर पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों से गुजरते हुए जोधपुर पहुंची। जिले में प्रवेश करने के बाद बिलाड़ा, पीपाड़ और भोपालगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। बनाड़ पहुंचने के बाद समर्थकों ने रोड शो निकाला और यात्रा को पावटा क्षेत्र तक लेकर गए।
पावटा क्षेत्र में युवाओं का उत्साह देखने लायक था। यहां जेसीबी से फूलों की वर्षा कर रविंद्र सिंह भाटी का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में युवा देर रात तक सड़कों पर मौजूद रहे। हनवंत गार्डन में आयोजित मुख्य स्वागत कार्यक्रम निर्धारित समय से करीब तीन से चार घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन इसके बावजूद समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे देर रात तक भाटी के पहुंचने का इंतजार करते रहे।
रविंद्र सिंह भाटी की यह यात्रा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण नियमों में सरलीकरण और व्यावहारिक सुधार की मांग को लेकर निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इनमें ईडब्ल्यूएस पात्रता के लिए लागू भूमि संबंधी शर्तों की समीक्षा, राज्य और केंद्र सरकार के ईडब्ल्यूएस नियमों में समानता लाना, प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि बढ़ाना तथा राज्य में जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र को केंद्रीय सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में मान्यता दिलाने जैसी मांगें शामिल हैं।
भाटी का कहना है कि वर्तमान नियमों के कारण कई पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए नियमों को अधिक सरल और व्यवहारिक बनाने की आवश्यकता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन जताया। जोधपुर में देर रात हुए स्वागत कार्यक्रम ने यह संकेत दिया कि पश्चिमी राजस्थान में इस मुद्दे को लेकर युवाओं के बीच व्यापक चर्चा और रुचि देखने को मिल रही है।