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जयपुर में नितिन नवीन का जेन-जी से संवाद: 'दाल बाटी चूरमा' के नारे पर चुप्पी से शुरू हुई बात 'हम राजस्थान के सूरमा' तक पहुंची

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जयपुर दौरे के दौरान बिड़ला ऑडिटोरियम में एक विशेष 'युवा संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने जेन-जी (Gen-Z) युवाओं से सीधा संवाद किया, उनके अनुभव सुने और भविष्य की योजनाओं व राष्ट्र निर्माण पर विस्तृत चर्चा की।

 

'दाल-बाटी-चूरमा' पर शुरू में खामोश रहे युवा, फिर गूंजा 'हम राजस्थान के सूरमा' का नारा

संवाद कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प पल देखने को मिला जब नितिन नवीन ने मंच से माहौल में ऊर्जा भरने के लिए नारा लगाया— 'दाल बाटी चूरमा'।

  • युवाओं की चुप्पी: शुरुआत में सभागार में मौजूद युवाओं की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई।

  • अध्यक्ष का सवाल: इस पर नितिन नवीन ने मुस्कुराते हुए पूछा, "इसके आगे क्या है?" उन्होंने दोबारा दोहराया, "दाल-बाटी-चूरमा..." तब जाकर कुछ युवाओं ने जवाब दिया, "हम राजस्थान के सूरमा!"

  • जोश भरने की अपील: युवाओं की आवाज धीमी होने पर नितिन नवीन ने चुटकी लेते हुए कहा, "यह राजस्थान की आवाज नहीं लग रही, कहीं और से बुलाया है क्या युवाओं को?"

  • पूरा हॉल गूंज उठा: उनके इतना कहते ही बिड़ला ऑडिटोरियम में मौजूद युवाओं ने एक साथ जोश में आकर 'हम राजस्थान के सूरमा' का जोरदार नारा लगाया।

 

राजनीति में रुचि को लेकर पूछा सवाल, कुछ ही हाथों ने उठकर किया चौंकाया

कार्यक्रम में बातचीत को आगे बढ़ाते हुए नितिन नवीन ने युवाओं से उनकी राजनीतिक सोच पर सवाल किया।

  • कितने लोग आना चाहते हैं राजनीति में?: नितिन नवीन ने पूछा, "आप में से कितने लोग राजनीति में आना चाहते हैं?"

  • सीमित प्रतिक्रिया: सभागार में मौजूद ढेरों युवाओं में से केवल कुछ ही लोगों ने हाथ खड़े किए।

  • अध्यक्ष की टिप्पणी: इस पर नितिन नवीन ने कहा कि यह चिंताजनक है कि राजनीति में आने के इच्छुक युवाओं की संख्या इतनी कम है।

 

'राजनीति से देश को मिलती है दिशा और नई लीडरशिप' — नितिन नवीन

युवाओं की कम रुचि पर नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्हें प्रेरित किया।

  • पीएम मोदी का विजन: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा जोर देते हैं कि देश के युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि राजनीति ही वह सशक्त माध्यम है जहां से देश को नई दिशा और मजबूत नेतृत्व (लीडरशिप) मिलता है।

  • 2012-13 का दौर बनाम आज का भारत: नितिन नवीन ने कहा कि साल 2012-13 के समय देश में निराशा का माहौल था और युवाओं को अपना व देश का भविष्य अनिश्चित लगता था।

  • आत्मविश्वास का संचार: पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं में आत्म-विश्वास जगा है। आज का युवा खुद पर और देश के सामर्थ्य पर विश्वास करता है कि वह खुद भी आगे बढ़ेगा और देश को भी आगे ले जाएगा।