याचिका दाखिल करने से पहले विपक्षी दलों ने दिल्ली में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया:
विशाल मार्च: विपक्षी नेताओं ने बाराखंबा से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक मार्च निकाला। करीब एक किलोमीटर लंबे इस मार्च में नेता कभी पैदल तो कभी बसों और वाहनों पर सवार होकर आगे बढ़े। इस प्रदर्शन में कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
'शिवजी की बारात' जैसा है विपक्ष का मार्च: मार्च से ठीक पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष का यह मार्च किसी 'शिवजी की बारात' की तरह है, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
CJI से मुलाकात अस्वीकार: इससे पहले रविवार को विपक्षी सांसदों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने का समय मांगा था। हालांकि, सीजेआई ने मुलाकात की मांग ठुकराते हुए विधिवत याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी।
याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान वकीलों और रजिस्ट्री के बीच तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की गईं:
समय सीमा का पेंच: राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के शाम 4:30 बजे बंद होने के बाद याचिका दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग करती नजर आई।
हालांकि, ऐसे मामलों में पक्षकार सुप्रीम कोर्ट की 24x7 उपलब्ध रहने वाली ई-फाइलिंग (E-Filing) सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं।
विपक्षी दलों के मार्च और प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे:
राहत भरी खबर: दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा के मद्देनजर जो मेट्रो स्टेशन एहतियातन बंद किए गए थे, उनके एंट्री और एग्जिट गेट स्थिति सामान्य होने के बाद पुनः खोल दिए गए हैं।