इससे पूर्व बुधवार को भी खड़गे ने कनॉट प्लेस के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों के साथ बैठक व लंच किया था, जिसके बाद तमाम सांसद जंतर-मंतर पर विरोध जताने पहुंचे थे।
जंतर-मंतर और आकाशवाणी भवन परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और सुरक्षा व्यवस्था में व्यवधान को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है:
तीन प्राथमिकियां दर्ज: दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में कुल तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इनमें से एक FIR 6 अक्टूबर को मार्च के दौरान बिना अनुमति आकाशवाणी बिल्डिंग में प्रवेश करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने के संबंध में दर्ज की गई है।
राहुल गांधी का तीखा प्रहार: दर्ज मुकदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "मैं ऐसी एफआईआर से डरने वाला नहीं हूँ। मेरे खिलाफ पहले से ही 45 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। मैं तो चाहता हूँ कि मेरे खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज हों, लेकिन हम जनता और वोट के अधिकार की लड़ाई जारी रखेंगे।"
दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुई धक्का-मुक्की और पुलिस की कार्रवाई पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कड़ा विरोध जताया:
अत्याचार का आरोप: ममता बनर्जी ने कहा, "हमने जीवन में कई तरह के राजनीतिक अत्याचार देखे हैं, लेकिन लोकतंत्र में सभी को अपनी आवाज उठाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है।"
प्रियंका गांधी के प्रति एकजुटता: उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के साथ दिल्ली में जो व्यवहार किया गया, वह बिल्कुल अनुचित था। हर घर में मां, बहनें और बेटियां हैं, और राजनीति में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
तेलंगाना सरकार में मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमला बोला:
काफी समय से उठ रहा मुद्दा: अजहरुद्दीन ने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव और 'वोट चोरी' का मुद्दा नया नहीं है। राहुल गांधी लंबे समय से देशवासियों के सामने इस खतरे को उजागर करते आ रहे हैं।
SIR प्रक्रिया फेल: उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के उदाहरण देश के सामने हैं। चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही SIR प्रक्रिया पूरी तरह से विफल और बेनकाब हो चुकी है।