प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर गरीबों के लिए आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। कसारी-मसारी क्षेत्र में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की ओर से 14 मंजिला इमारत बनाई जाएगी। इसमें कुल 602 फ्लैट होंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में माफिया का प्रभाव था और वे जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी। अब सरकार ऐसी जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनवा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले माफिया अतीक अहमद और अशरफ के नाम से जमीनों पर कब्जे की स्थिति बन जाती थी, लेकिन अब सरकार ने माफिया के कब्जे से जमीन मुक्त कराकर वहां गरीब परिवारों के आशियाने बनाने का काम शुरू किया है। कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की इस आवासीय परियोजना के तहत 14 मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 602 फ्लैट प्रस्तावित हैं। प्रत्येक फ्लैट में दो बेडरूम, हॉल और किचन की सुविधा होगी। यह परियोजना कसारी-मसारी क्षेत्र में उस सरकारी जमीन पर विकसित की जा रही है, जिसे प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के कब्जे से मुक्त कराया था।
परियोजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के दौरान सरकार की माफिया के खिलाफ कार्रवाई और मुक्त कराई गई जमीनों के उपयोग को लेकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने भारत माता की जय के नारों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर नई व्यवस्था स्थापित की है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर में बदलाव आया है।
नंदी ने कहा कि प्रदेश ने यह साबित किया है कि नीयत ईमानदार हो तो प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिल सकता है। उन्होंने माफिया के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए बुलडोजर को लेकर एक गीत भी गाया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'चलेला जब चांप के बाबा का बुलडोजर।' उनके इस अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
कार्यक्रम में विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। उन्होंने जय श्रीराम के नारे लगाए और कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र किया। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिस रास्ते से उनका काफिला गुजरा, वहां एक मकान कार्रवाई के दौरान छूट गया था, जबकि आगे माफिया के भाई और रिश्तेदारों के मकान भी तोड़े गए थे।
विधायक ने दावा किया कि जिस जमीन पर अब आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया गया है, वहां पहले माफिया के घोड़े पाले जाते थे। उन्होंने कहा कि अब उसी जमीन पर गरीबों के लिए घर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले एक मुख्यमंत्री आते थे और कुत्ते से हाथ मिलाकर चले जाते थे, जबकि अब मुख्यमंत्री माफिया के गढ़ में गरीबों के लिए आशियाने बसाने का काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कसारी-मसारी क्षेत्र का नाम बदलने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कसारी-मसारी नाम उन्हें कसाइयों से जुड़ा हुआ लगता है और इसे बदला जाना चाहिए। यह मांग विधायक ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सामने रखी।
हालांकि, क्षेत्र का नाम बदलने को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में माफिया का दबदबा था। उनके मुताबिक, माफिया जिस जमीन पर कब्जा कर लेते थे, उसे अपनी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करते थे। अब सरकार ऐसी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराकर जनहित में उपयोग कर रही है।
प्रयागराज में 602 फ्लैटों की यह परियोजना इसी दिशा में एक कदम के तौर पर पेश की गई। सरकार का कहना है कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं, ताकि ऐसी भूमि का इस्तेमाल आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने में किया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई तथा गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने को लेकर सरकार की पहल का उल्लेख किया। अब परियोजना के तहत 14 मंजिला इमारत का निर्माण होना है, जिसमें दो बेडरूम, हॉल और किचन वाले 602 फ्लैट बनाए जाएंगे।