सोमवार को 19 विपक्षी दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर करीब 3 किलोमीटर लंबे मार्च पर निकले।
विपक्षी सांसद और कार्यकर्ता चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसी दौरान उन्होंने कहा, "Gyanesh, it's done, bro…"
इसके बाद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस की बस में बैठाया गया। हालांकि, प्रियंका गांधी बस से बाहर आ गईं। कुछ देर बाद राहुल गांधी भी बस से बाहर निकले और आकाशवाणी भवन परिसर की ओर जाने की कोशिश की।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में मौजूद रहे। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर बताया कि आकाशवाणी भवन चुनाव आयोग के कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है और पार्टी के नेता वहीं से अपना विरोध जारी रख रहे हैं।
कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि आकाशवाणी से 'जन की बात' हो रही है। इस दौरान राहुल और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने परिसर में ही डेरा डाल दिया।
आकाशवाणी भवन परिसर से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग का कार्यालय वहां से करीब 100 मीटर दूर है, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्षी सांसद आकाशवाणी परिसर में ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और वहीं इंतजार करेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल विपक्षी सांसद देश की करीब 64 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच आगे जाने को लेकर गतिरोध बना रहा। चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का यह प्रदर्शन SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।