संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर कूच कर रहे विपक्षी नेताओं के मार्च को जब पुलिस ने बीच में ही रोक दिया और राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेकर बस में बिठाया, तो वे बस से उतरकर पास ही स्थित आकाशवाणी भवन के प्रांगण में पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश में वोट चोरी कराने में सत्ताधारी बीजेपी की मदद की है।
आकाशवाणी भवन परिसर से महज 270 मीटर की दूरी पर स्थित चुनाव आयोग दफ्तर जाने की जिद पर अड़े विपक्षी नेता वहीं डटे हुए हैं:
पेड़ के नीचे चटाई बिछाई: 3 घंटे से अधिक समय तक जमीन पर बैठने के बाद राहुल और प्रियंका गांधी के लिए आकाशवाणी परिसर में स्थित एक बरगद के पेड़ के नीचे चटाई बिछा दी गई, जहां वे तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठे हैं।
मुलाकात की मांग पर अड़े: राहुल और प्रियंका का स्पष्ट कहना है कि जब तक उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने नहीं दिया जाएगा या वे खुद आकर ज्ञापन नहीं लेते, तब तक वे धरना स्थल से नहीं उठेंगे।
बढ़ते तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल लिया है:
भारी पुलिस बल की तैनाती: आकाशवाणी भवन के बाहर और आसपास के इलाके में सीआरपीएफ (CRPF), महिला पुलिस बल और दमकल की गाड़ियों समेत भारी पुलिस तैनात कर दी गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्राइवेट बसें भी मौके पर खड़ी की गई हैं।
पुलिस अधिकारी से बातचीत: राहुल गांधी के कहने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा से मौके पर जाकर चर्चा की। बातचीत के बाद प्रियंका ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को पुलिस के रुख और प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है:
विपक्ष का एकजुट प्रदर्शन: 19 विपक्षी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र बचाओ (सेव डेमोक्रेसी) मार्च निकालकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
लगातार जारी है विरोध: पिछले पांच दिनों के भीतर दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ यह सातवां बड़ा विरोध-प्रदर्शन है।