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राजस्थान नगर निगम चुनाव परिणाम: जयपुर, जोधपुर और कोटा में बीजेपी का परचम; प्रदेश के 10 में से 9 निगमों पर कब्जा

जयपुर/जोधपुर/कोटा: राजस्थान के तीन प्रमुख नगर निगमों—जयपुर, जोधपुर और कोटा के महापौर (मेयर) चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। तीनों ही स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति का लोहा मनवाते हुए मेयर पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। जयपुर में सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता और कोटा में अनुसुईया गोस्वामी नगर निगम के नए महापौर चुने गए हैं।

 

बहुमत से ज्यादा वोट मिले, कोटा में कांग्रेस पार्षदों की क्रास वोटिंग

चुनाव परिणामों में सबसे खास बात यह रही कि तीनों नगर निगमों में भाजपा प्रत्याशियों को पार्टी के अपने चुनाव जीते पार्षदों की संख्या से भी अधिक मत प्राप्त हुए।

  • कोटा में क्रास वोटिंग: कोटा नगर निगम चुनाव के दौरान सियासी उलटफेर देखने को मिला, जहां कांग्रेस के पार्षदों ने क्रास वोटिंग करते हुए भाजपा प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी के पक्ष में मतदान कर दिया।

  • जोधपुर में पूर्व सीएम के करीबी की हार: जोधपुर नगर निगम में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा, जहां पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा और भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता ने बाजी मार ली।

 

जयपुर में हाईवोल्टेज ड्रामा: कांग्रेस विधायक रफीक खान का हंगामा और धरना

जयपुर नगर निगम में मतदान के दिन जमकर सियासी ड्रामा देखने को मिला।

  • निगम गेट पर धरना: वोटिंग के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान को नगर निगम परिसर के अंदर जाने से रोक दिया गया, जिससे नाराज होकर वे निगम गेट पर ही धरने पर बैठ गए।

  • वोट रोकने का आरोप: इस दौरान कांग्रेस पार्षद मुकेश छापोला ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और अन्य कांग्रेस समर्थित पार्षदों को मतदान करने से रोका गया था। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद ही स्थिति शांत हो सकी।

 

10 में से 9 नगर निगमों पर भाजपा का दबदबा

राजस्थान निकाय चुनावों में भाजपा ने एकतरफा सफलता हासिल की है:

  • 21 सितंबर का घटनाक्रम: इससे पहले 21 सितंबर को प्रदेश के 7 नगर निगमों सहित कुल 303 निकायों में मेयर, अध्यक्ष और चेयरमैन का चुनाव संपन्न हो चुका है।

  • 7 निगमों में पहले ही जीती भाजपा: उदयपुर, अजमेर, अलवर, पाली, भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम में पहले ही भाजपा के मेयर चुने जा चुके हैं।

  • बीकानेर रहा अपवाद: पूरे प्रदेश में केवल बीकानेर ही एकमात्र ऐसा नगर निगम रहा, जहां कांग्रेस अपनी सरकार बनाकर मेयर पद पर जीत हासिल कर सकी।