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जयपुर जिले में 18 निकायों में 87.06 फीसदी मतदान, कालाडेरा में सबसे ज्यादा वोटिंग

जयपुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग आज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। जिले के 18 नगरीय निकाय क्षेत्रों में कुल 87.06 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा वोटिंग कालाडेरा नगर पालिका में हुई, जहां 89.91 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसके बाद दूदू में 89.17 फीसदी और बस्सी में 88.92 फीसदी मतदान हुआ।

इन 18 निकायों में मतदान के लिए कुल 565 बूथ बनाए गए थे। इनमें 152 बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया था। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के बाद कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी और तकनीकी दिक्कतों की सूचना सामने आई, लेकिन प्रशासन की ओर से इन्हें जल्द दूर कर मतदान दोबारा शुरू करा दिया गया।

मतदान प्रतिशत की बात करें तो कालाडेरा 89.91 फीसदी के साथ सबसे आगे रहा। दूदू में 89.17, बस्सी में 88.92, चाकसू में 88.80, मनोहरपुर में 88.84, जमवारामगढ़ में 88.52, बगरू में 88.36, कानोता में 88.01 और चौमूं में 87.98 फीसदी मतदान हुआ। शाहपुरा और फागी में 86.65 फीसदी, किशनगढ़-रेनवाल में 83.41, फुलेरा में 81.39 और सांभर में सबसे कम 80.66 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

इन 18 निकायों में कुल 537 वार्ड हैं, जहां 1920 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 90 हजार 378 रही। इनमें दो नगर परिषदों के 100 वार्ड में 366 प्रत्याशी और 16 नगर पालिकाओं के 437 वार्ड में 1554 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ।

14 सितंबर को होगी मतगणना

मतदान खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम मशीनें जयपुर शहर के भवानी निकेतन में जमा नहीं करवाएंगी। सभी पोलिंग पार्टियों को संबंधित निकायों के लिए निर्धारित काउंटिंग सेंटर पर ही ईवीएम जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना 14 सितंबर को होगी।

चौमूं और कालाडेरा की मतगणना राजकीय कन्या महाविद्यालय, चौमूं में होगी। शाहपुरा के लिए श्री कल्याण सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानोता के लिए महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय और वाटिका के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय सामुदायिक केंद्र को केंद्र बनाया गया है। इसी तरह जमवारामगढ़, मनोहरपुर, फागी, दूदू, सांभरलेक, चाकसू, बस्सी, नरायणा, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, बगरू और फुलेरा के लिए भी अलग-अलग मतगणना केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान के दिन 18ों नगरीय निकाय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। राजकीय संस्थानों के साथ निजी संस्थानों में भी छुट्टी रखी गई, ताकि अधिक से अधिक मतदाता मतदान कर सकें।

अब सभी प्रत्याशियों की नजर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर है। ईवीएम में बंद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला इसी दिन होगा।