सोमवार को होने वाले चेयरमैन/मेयर चुनाव में वोटिंग से ठीक पहले पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पार्षदों व प्रत्याशियों ने तत्काल राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) जस्टिस डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को अवकाश के बावजूद विशेष पीठों (Special Benches) का गठन किया गया:
हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों का मामला: रविवार देर शाम हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों की ओर से याचिकाएं दाखिल होने के बाद जस्टिस नूपुर भाटी की एकलपीठ का गठन किया गया, जिसने रात 10 बजे से मामले की सुनवाई शुरू की।
राजनीतिक समीकरण: हनुमानगढ़ के कुल 60 वार्डों में से भाजपा के 15 पार्षद जीते हैं, जबकि निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल गुट के 32 पार्षद जीतकर आए हैं। गौरतलब है कि विधायक गणेश बंसल को हाल ही में 23 साल पुराने एक पट्टा मामले में बीकानेर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से पार्षदों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।
बीकानेर के वार्ड संख्या 18 से कांग्रेसी पार्षद एवं पूर्व यूआईटी (UIT) अध्यक्ष मकसूद अहमद की याचिका पर भी हाईकोर्ट में देर रात सुनवाई हुई:
जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ: मुख्य न्यायाधीश की विशेष अनुमति से जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
राजनीतिक दुर्भावना का आरोप: मकसूद अहमद की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने तर्क दिया कि पुलिस ने एक पुराने विवादित मामले में पूछताछ के बहाने पार्षद को हिरासत में लेने की साजिश रची है, ताकि उन्हें सोमवार को मतदान करने से रोका जा सके।
रात 11:15 बजे आदेश: हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद रात 11:15 बजे मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें चुनाव में मतदान करने की पूरी अनुमति प्रदान की।