Politics

जोधपुर में 'तरंग शक्ति 2026' का गर्जना: 8 देशों के 80 फाइटर जेट्स दिखा रहे ताकत

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' (Tarang Shakti 2026) का रोमांच चरम पर है। दुनिया की प्रमुख वायुसेनाओं के 60 से 80 सबसे खतरनाक फाइटर जेट्स एक साथ भारतीय आसमान में अपनी सामरिक ताकत और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं।

भारत स्थित फ्रांस दूतावास के अनुसार, 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस ऐतिहासिक वायुसैनिक अभ्यास में भारत, अमेरिका, फ्रांस समेत आठ प्रमुख देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं।

 

सुखोई ने की राफेल की अगवानी; 40 हजार फीट की ऊंचाई पर मिड-एयर फ्यूल रिफ्यूलिंग

अभ्यास के चौथे दिन मंगलवार को जोधपुर के आसमान में आधुनिक युद्धक विमानों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला:

  • सुखोई ने किया लीड: भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान 'सुखोई-30 एमकेआई' (Sukhoi-30 MKI) ने फ्रांसीसी वायुसेना के 'राफेल' (Rafale) फाइटर जेट्स की अगवानी की और हवा में फॉरमेशन को लीड किया।

  • हवा में भरा गया ईंधन: अभ्यास के दौरान फ्रांसीसी वायुसेना के टैंकर एयरक्राफ्ट Airbus A-330 MRTT और Airbus A-400M ने अपनी उपयोगिता साबित की। करीब 40 हजार फीट की विशाल ऊंचाई पर A-400M एयरक्राफ्ट ने आसमान में उड़ते राफेल फाइटर जेट में मिड-एयर रिफ्यूलिंग (हवा में ही ईंधन भरने) का सफल अभ्यास किया।

  • F-35 और तेजस का जलवा: इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी वायुसेना का 5th जनरेशन फाइटर जेट F-35, भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) और कई भारी ट्रांसपोर्ट विमान भी हिस्सा ले रहे हैं।

 

28 मित्र देशों के प्रतिनिधियों ने बेंगलुरु में देखी 'मेक इन इंडिया' की ताकत

तरंग शक्ति 2026 में भाग ले रहे मित्र राष्ट्रों के 28 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और रक्षा प्रतिनिधियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु का विशेष दौरा किया।

  • शामिल देश: इस प्रतिनिधिमंडल में इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव जैसे प्रमुख देशों के रक्षा अधिकारी शामिल थे।

  • स्वदेशी तकनीक का मुआयना: प्रतिनिधियों ने भारत की दिग्‍गज रक्षा कंपनियों—हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) के निर्माण परिसरों का दौरा किया। उन्होंने भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस, मिसाइल सिस्टम और एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी का बारीकी से निरीक्षण किया।

 

रक्षा निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'तरंग शक्ति' केवल एक सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के रक्षा उद्योग के लिए भी एक बड़ा अवसर है:

  • वैश्विक प्रदर्शन: इस दौरे के जरिए भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी 'मेक इन इंडिया' की रक्षा निर्माण क्षमताओं का सीधा प्रदर्शन किया है।

  • निर्यात में बढ़ोतरी: मित्र राष्ट्रों के साथ भारतीय रक्षा उत्पादों के निर्यात (Export) और आगामी वर्षों में होने वाले रक्षा समझौतों को इससे भारी गति मिलेगी।