यह पूरा वाक्या बुधवार शाम आयोजित हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम का है, जहां विवाद के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में श्रीगंगानगर नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का बोर्ड बना है। बुधवार को सभापति अजय दावड़ा और उपसभापति पुष्पा देवी का आधिकारिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम रखा गया था:
भीड़ को पहले रोका: शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही मंच पर और नीचे नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बुके (गुलदस्ता) देकर बधाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा।
विधायक की अपील: मंच पर मौजूद भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने दो-तीन बार माइक से लोगों से अपील की कि पहले शपथ ग्रहण पूरा होने दें, उसके बाद एक-एक करके मंच पर आकर सम्मान करें।
गुस्से में फेंका बुके: इसी दौरान खत्री समाज के अध्यक्ष ललित बहल 2-3 लोगों के साथ मंच पर चढ़ने लगे। जब विधायक ने उपसभापति के सम्मान के दौरान मंच पर एक साथ भीड़ जमा न करने की बात कही, तो बहस बढ़ गई और बहल ने हाथ में लिया बुके विधायक के सामने ही मेज (टेबल) पर पटक दिया।
ललित बहल द्वारा मेज पर बुके फेंके जाने से विधायक जयदीप बिहाणी बेहद नाराज हो गए:
पार्षद को दिए निर्देश: विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा, "यह कौन-सा तरीका है?" इसके तुरंत बाद उन्होंने पार्षद बंटी वाल्मीकि से चिल्लाते हुए कहा कि 'इसे पकड़कर कार्यक्रम से बाहर ले जाओ, ऐसे लोगों की मुझे कोई जरूरत नहीं है।'
वरिष्ठों ने संभाला मामला: विवाद बढ़ता देख नव निर्वाचित सभापति अजय दावड़ा, समाजसेविका सीता स्वामी और भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह मान ने तुरंत बीच-बचाव किया और विधायक को समझा-बुझाकर शांत कराया।
घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:
विधायक का पक्ष: विधायक जयदीप बिहाणी ने आरोप लगाया कि ललित बहल जानबूझकर कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश कर रहे थे। बार-बार समझाने के बाद भी वे स्टेज पर चढ़ रहे थे और रोकने पर उन्होंने अभद्रता करते हुए बुके फेंका।
ललित बहल का दावा: वहीं दूसरी ओर, इस विवाद पर सफाई देते हुए खत्री समाज अध्यक्ष ललित बहल ने दावा किया है कि वे तो इस कार्यक्रम में शामिल होने गए ही नहीं थे।
वीडियो साक्ष्य: बहल के इस दावे पर पलटवार करते हुए विधायक बिहाणी ने कहा कि पूरे शपथ ग्रहण समारोह के वीडियो फुटेज उपलब्ध हैं, जिनमें पूरी घटना साफ नजर आ रही है।