जयपुर: भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह के अपनी ही पार्टी और प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बागी तेवर और तीखे हो गए हैं। अनुशासन समिति द्वारा थमाए गए कारण बताओ नोटिस की परवाह न करते हुए पूर्व मंत्री ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा की।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि 60 सालों तक देश पर राज करने वाली पार्टी का राजस्थान में आज कोई 'धणी-धोरी' (धनी-धोरी) नहीं बचा है और पार्टी पूरी तरह 'राम भरोसे' चल रही है।
करीब 10 दिन पहले राजस्थान कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाने के बाद 2 अक्टूबर को कांग्रेस अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा था:
अहम और वहम की राजनीति: तय समयावधि में नोटिस का जवाब देने के बजाय विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटने में लगे हैं। उन्होंने कर्ता-धर्ताओं को नसीहत दी कि वे "अहम और वहम की राजनीति" से बाहर निकलें।
संगठन में असंतोष: उनके इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर अंदरूनी खींचतान और असंतोष अब पूरी तरह सतह पर आ चुका है।
अपने लंबे राजनीतिक सफर और सिद्धांतों का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया:
अंतरात्मा की आवाज पर फैसले: विश्वेंद्र सिंह ने लिखा, "मैं अपने इष्ट श्री गिरिराज धनी का सेवक हूँ। विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में मैंने सार्वजनिक जीवन में मिली हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और निष्ठा से निभाया है। मैंने हमेशा अपने पुरखों की मान-मर्यादा, स्वाभिमान और धर्म की राह पर चलते हुए अंतरात्मा की आवाज पर निर्णय लिए हैं।"
वफादारी का दर्द: उन्होंने आगे लिखा कि वे झूठ, फरेब और बेईमानी से दूर रहे हैं। इस राह पर चलते हुए उन्हें वफादारी की भारी कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की और अंतिम सांस तक जनहित में काम करते रहेंगे।