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राजस्थान में मानसून पड़ा धीमा: अगले 4-5 दिन शुष्क रहेगा मौसम, 12 सितंबर से दोबारा शुरू हो सकता है बारिश का दौर

जयपुर: राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर सुस्त पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ रेखा के अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर भारत की ओर खिसक जाने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। राज्य में अगले 4-5 दिनों तक मौसम मुख्य रूप से कमजोर व शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 12 सितंबर से प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

सोमवार को राज्य के गिने-चुने जिलों (अलवर, कोटपूतली, सीकर और राजसमंद) में ही हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, आज कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।

 

नाथद्वारा में सबसे ज्यादा 28mm बारिश, शेखावाटी और सरहद पर छाए बादल

पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया:

  • नाथद्वारा में सर्वाधिक वर्षा: राजसमंद जिले के नाथद्वारा में बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक लगभग 28 मिमी (1 इंच से अधिक) बारिश दर्ज की गई।

  • इन जिलों में बरसा पानी: कोटपूतली, अलवर शहर और सीकर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें गिरीं।

  • उत्तरी राजस्थान में मौसम का मिजाज: देर शाम श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास घने बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलीं और कई जगहों पर छिटपुट बारिश हुई।

 

इस सीजन 24% कम बरसा पानी, केवल 4 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

मानसून 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल राजस्थान में बादलों की मेहरबानी काफी असमान रही है:

  • प्रदेश में कुल वर्षा की स्थिति: इस मानसून सीजन में राजस्थान में कुल मिलाकर औसत से 24 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • भरतपुर में सबसे ज्यादा बारिश: प्रदेश के केवल 4 जिलों में ही सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई है, जिनमें भरतपुर सबसे आगे है। भरतपुर में 1 जून से 6 सितंबर तक औसत 481.7 मिमी के मुकाबले 638.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 33% अधिक है।

  • अन्य जिलों का हाल: दौसा, धौलपुर और झुंझुनूं में सामान्य से 7 से 13 फीसदी तक अधिक पानी बरसा है। वहीं, अलवर में सामान्य से 1% कम और करौली में 5% कम बारिश दर्ज की गई है।