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चंबल में बढ़ी पानी की आवक, धौलपुर में प्रशासन अलर्ट; 4.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से तेजी से बढ़ा जलस्तर

धौलपुर। कोटा के नवनेरा बैराज से करीब 4.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद धौलपुर जिले में चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन ने नदी के किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर के खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल किसी गांव के प्रभावित होने की संभावना नहीं बताई गई है, लेकिन पानी की आवक और जलस्तर में लगातार होने वाली वृद्धि को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

लगातार बढ़ रही पानी की आवक

नवनेरा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर चंबल नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। नदी में पानी की आवक बढ़ने के साथ ही किनारों पर पानी का बहाव भी तेज हो रहा है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रशासन का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

नदी और घाटों से दूर रहने की अपील

चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने आमजन से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने खास तौर पर युवाओं को नदी के तेज बहाव और बढ़ते पानी को देखने के लिए घाटों या नदी किनारे जाने से मना किया है।

प्रशासन ने कहा है कि तेज बहाव वाले पानी में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को नदी, घाटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी परिस्थिति में चंबल नदी के तेज बहाव को पार करने की कोशिश न करें। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद नदी के भीतर की स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

पशुधन को सुरक्षित रखने की सलाह

नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपने पशुधन को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पशुओं को नदी किनारे चराने के लिए न ले जाएं।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी पर रखें। अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पशुधन को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से सावधानी बरतना जरूरी है।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। जलस्तर और संभावित खतरे से संबंधित जानकारी के लिए केवल प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों में बदलाव होने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की स्थिति पर लगातार नजर

चंबल में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से नदी के आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। फिलहाल किसी गांव के प्रभावित होने की संभावना नहीं बताई गई है। हालांकि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों से नदी, घाटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने और बिना वजह नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है।

चंबल नदी में पानी की बढ़ती आवक के बीच आने वाले समय में जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और प्रशासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।