सीकर। शेखावाटी अंचल के सीकर जिले में मानसूनी हवाओं के एक बार फिर सक्रिय होने से मानसून की दूसरी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। शहर में देर रात करीब डेढ़ बजे से शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे तक रुक-रुककर जारी रहा। इस तेज बारिश के कारण शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई और कई प्रमुख सड़कों सहित निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
सीकर शहर में अब तक कुल 90 एमएम (लगभग 3.5 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है। महज दूसरी ही मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
बारिश का सबसे भयावह असर शहर के प्रमुख शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्र नवलगढ़ रोड पर देखने को मिला:
जलभराव से जनजीवन ठप: नवलगढ़ रोड पर करीब 2 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में सड़कों पर 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे सड़क किसी दरिया जैसी नजर आने लगी।
छात्र और राहगीर परेशान: अलसुबह कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को इस गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
गाड़ियां फंसीं: पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण कई दुपहिया और चार पहिया वाहन पानी के बीच में ही बंद हो गए, जिन्हें लोगों को धक्का मारकर निकालना पड़ा। कई कॉलोनियों में स्थिति यह रही कि पानी भरने से लोग घंटों तक अपने घरों में ही कैद रहने को मजबूर हो गए।
तेज बारिश आम जनता के साथ-साथ पुलिस महकमे और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए भी भारी परेशानी का सबब बन गई:
पुलिस लाइन में घुसा पानी: सीकर पुलिस लाइन में स्थित सरकारी क्वार्टरों में बारिश का पानी भर गया।
सीवरेज ओवरफ्लो: बारिश के साथ ही शहर की सीवरेज लाइन ओवरफ्लो हो गई, जिसके चलते नालों का बदबूदार और गंदा पानी सीधे पुलिसकर्मियों और कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के सरकारी आवासों में प्रवेश कर गया।
अंडरपास लबालब: इसके अलावा शहर के प्रमुख अंडरपास पानी से पूरी तरह लबालब भर गए, जिससे शहर का एक हिस्सा दूसरे हिस्से से कट गया और कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बदतर हो गई।
मौसम विभाग और जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में और भी ज्यादा मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है:
सीकर ग्रामीण: जिले में सबसे अधिक बारिश सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 119 MM दर्ज की गई।
धोद क्षेत्र: धोद में 116 MM बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे वहाँ भी निचले इलाकों में पानी भर गया।
अन्य कस्बे: इसके अलावा पलसाना में 42 MM, रींगस में 45 MM तथा लक्ष्मणगढ़ में 38 MM बारिश दर्ज की गई है।
बारिश से भले ही जलभराव की समस्या हुई हो, लेकिन इसने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। इससे पहले सोमवार को दिनभर शहरवासी तेज गर्मी और उमस से बेहाल रहे थे, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
रात भर हुई बारिश के बाद फतेहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम अनुसंधान केंद्र पर मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर 23.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे हवा में ठंडक घुल गई है।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, मानसूनी तंत्र के दोबारा सक्रिय होने के कारण अगले दो दिनों तक सीकर जिले और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर होने वाली बारिश के चलते तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने जलभराव वाले निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।