जयपुर: राजस्थान से मानसून की आधिकारिक विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य से मानसून की वापसी 19 सितंबर से शुरू हो सकती है। हालांकि, जाते-जाते मानसून प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर मेहरबान हो रहा है। उदयपुर, सलूंबर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, जालोर और जैसलमेर समेत कई जिलों में गुरुवार रात से शुक्रवार तक रुक-रुककर झमाझम बारिश का दौर जारी रहा।
बारिश के कारण जहां एक ओर नदी-नाले और झरने उफान पर आ गए हैं, वहीं तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, कुछ इलाकों में कटी हुई फसलों को नुकसान भी पहुंचा है।
मानसून के अंतिम चरण में हो रही बारिश से प्रदेश के प्राकृतिक जलस्रोत और बांध लबालब हो गए हैं:
सरनी नदी उफान पर: उदयपुर और सलूंबर क्षेत्र में तेज बारिश के चलते झल्लारा में सरनी नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे कुछ समय के लिए रास्ता बंद हो गया।
पुंजेला डैम पर चली चादर: डूंगरपुर जिले के आसपुर स्थित पुंजेला डैम पर शुक्रवार सुबह एक फीट की चादर चलने से मनमोहक दृश्य बन गया।
रावतभाटा का डब्को झरना: चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में गुरुवार देर रात से जारी बारिश के बाद ब्राह्मणी नदी पर स्थित डब्को झरना पूरे वेग और तेज बहाव के साथ बहने लगा।
सड़कों पर बहा पानी: बांसवाड़ा के आजाद चौक, जैसलमेर शहर और जालोर में एक घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
बीते 24 घंटों के दौरान जयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभागों के विभिन्न इलाकों में अच्छी मानसूनी बारिश दर्ज की गई:
4 इंच तक बारिश: सवाई माधोपुर, करौली, नागौर, अजमेर और जयपुर जिलों में 4 इंच तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
2 इंच तक बारिश: भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक, झुंझुनूं और बीकानेर में 2 इंच तक पानी बरसा।
तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर हादसे और नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं:
किसानों को झटका: टोंक जिले में रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में कटकर पड़ी फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
रेलवे स्टेशन पर हादसा: कोटा जंक्शन पर गुरुवार को बारिश का पानी जाने से बिजली के पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। हालांकि, मुस्तैद कर्मचारियों ने कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया।
तेज बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से प्रदेश भर में मौसम सुहावना हो गया है और पारे में भारी गिरावट आई है। पिलानी, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, फतेहपुर, झुंझुनूं और अजमेर सहित अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 2 से लेकर 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया, जिससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।