जयपुर: राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के 7 जिलों में मंगलवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं लगातार हो रही बरसात से तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों से जलभराव और बांधों के छलकने की खबरें आ रही हैं:
नेशनल हाईवे-48 प्रभावित: कोटपूतली-बहरोड़ में कोलीला फ्लाईओवर के पास नेशनल हाईवे-48 की सर्विस लेन पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मोरेल बांध ओवरफ्लो: दौसा के लालसोट स्थित मोरेल बांध पर करीब 5 इंच की चादर चल रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान लालसोट क्षेत्र में 95 मिमी और मोरेल डैम क्षेत्र में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अलवर में जलजमाव: अलवर शहर में मंगलवार सुबह हुई तेज मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया।
मंगलवार सुबह से ही जयपुर, अलवर, चित्तौड़गढ़, कोटा, दौसा, टोंक और कोटपूतली में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे पहले सोमवार को भी भरतपुर (सर्वाधिक 4 इंच), करौली, धौलपुर और जयपुर में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी।
सड़कों पर बह निकला पानी: करौली के हिंडौन स्थित बाजारों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
पांचना बांध का जलस्तर बढ़ा: करौली में पांचना बांध में पानी की आवक तेज होने से इसका जलस्तर 9.10 मीटर से बढ़कर 9.15 मीटर पर पहुंच गया है।
धौलपुर के बांध भरने के कगार पर: धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित उर्मिला सागर, रामसागर और पार्वती बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता के करीब पहुंच गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) की सक्रियता के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है।
पूर्वी राजस्थान में अलर्ट: पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सटे राजस्थान के इलाकों (भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली और आसपास के जिलों) में आगामी तीन दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।