झालावाड़ जिले में बारिश ने भारी तबाही मचाई है:
रेस्क्यू ऑपरेशन: मनोहर थाना क्षेत्र के झीकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल में अचानक तेज बारिश का पानी घुस गया। घटना के समय स्कूल में 30 से ज्यादा विद्यार्थी मौजूद थे। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कालीखाड़ डैम ओवरफ्लो: जिले में कालीखाड़ डैम तेज बारिश के बाद पूरी तरह ओवरफ्लो हो गया है और बांध पर 6 इंच की चादर चल रही है।
पानी की भारी आवक को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बांधों के गेट खोल दिए हैं:
नोनेरा ऐबरा बांध: कोटा में राम जल सेतु लिंक परियोजना के नोनेरा ऐबरा बांध का जलस्तर 214.50 मीटर तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सोमवार दोपहर को बांध के 6 गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई।
कानोता बांध छलाका: इससे पूर्व रविवार को जयपुर का प्रसिद्ध कानोता बांध भी लबालब होकर छलक पड़ा।
पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान दोनों ही इलाकों में बारिश का व्यापक असर देखने को मिल रहा है:
नदी जैसा नजारा: बाड़मेर और बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते शहर और गांवों की सड़कों पर नदियों की तरह तेज बहाव से पानी बहता नजर आया।
उत्तरी जिलों में मेघगर्जन: हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बारां के शाहबाद क्षेत्र में जमकर बादल बरसे। शाहबाद इलाके में 2 इंच (48 मिमी) तक बारिश दर्ज की गई।
जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में भारी से मध्यम वर्षा का क्रम जारी है:
बीकानेर (श्रीडूंगरगढ़): 37 मिमी
हनुमानगढ़ (भादरा): 31 मिमी
जोधपुर (भोपालगढ़): 30 मिमी
सिरोही (माउंट आबू): 25 मिमी
श्रीगंगानगर (अनूपगढ़): 24 मिमी (हिंदूमलकोट में 17 मिमी)
अजमेर, दौसा, टोंक और उदयपुर सहित कई अन्य जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और हल्की बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा बना रहा।