जयपुर: राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे कहीं राहत तो कहीं आफत जैसी स्थिति बन गई है। मंगलवार सुबह कोटा शहर में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जालोर और पाली जिलों में लगातार हो रही बरसात के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। जालोर में एक उफनती नदी को पार करते समय एक जीप पलट गई, जिससे हड़कंप मच गया। इसी बीच, चित्तौड़गढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की असमय मौत हो गई।
लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जालोर, चित्तौड़गढ़ और पाली सहित कई जिलों में आम जनता की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं:
चित्तौड़गढ़ में हादसा: यहाँ आंधी-तूफान और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक मासूम बच्चे सहित परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।
जालोर में हालात: प्रसिद्ध सुंधा माता मंदिर के सामने का नजारा किसी नदी जैसा हो गया है, जहाँ पानी बेहद तेज वेग से बह रहा है।
पाली में बेडा नदी उफान पर: पाली जिले में स्थित बेडा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है और वह पूरे उफान पर बह रही है।
इससे पहले सोमवार को जोधपुर, पाली, जालोर और बाड़मेर जिलों में करीब 3 इंच तक पानी बरसा था। जोधपुर में हुई इस भारी बारिश के बाद नेशनल हाईवे पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पिछले 24 घंटों में हुई प्रमुख बारिश के आंकड़े (MM में):
पाली जिला: देसुरी में रिकॉर्ड 82 MM, रोहट में 28 MM, मारवाड़ जंक्शन और रानी में 25-25 MM बारिश दर्ज की गई।
जोधपुर जिला: झंवर में 53 MM, लूणी में 44 MM और कुड़ी भगतासनी में 23 MM पानी बरसा।
इसके अलावा सीकर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़ और राजसमंद जिलों में भी करीब दो इंच तक बरसात रिकॉर्ड की गई है। वहीं दौसा, सिरोही, बांसवाड़ा, उदयपुर और अलवर समेत प्रदेश के अन्य कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज हुई।
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम आगे बढ़कर दक्षिण-पूर्वी झारखंड तक पहुंच चुका है। यह सिस्टम लगातार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से से होकर गुजर रही है।
इन दोहरे वेदर सिस्टम (Weather Systems) के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग ने कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राज्य में 9 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहने की प्रबल संभावना है।
एक तरफ जहाँ प्रदेश का आधा हिस्सा पानी-पानी है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ सीमावर्ती इलाकों में अभी भी तेज गर्मी और उमस का प्रकोप बना हुआ है। बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर और चूरू में लोग उमस से बेहाल रहे। मंगलवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों को जमकर सताया। हालांकि, शाम होते-होते यहाँ भी मौसम का मिजाज बदला और हुई हल्की छितराई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर पहुंचाई।