जयपुर: राजस्थान में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार सुबह राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला। अचानक हुई इस मानसूनी जैसी बरसात और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रदेशभर में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है।
प्रदेश के विभिन्न संभागों में बादलों की आवाजाही और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है:
करौली और अलवर: करौली में सुबह बारिश से ठीक पहले आसमान में घना अंधेरा छा गया और झमाझम बौछारें पड़ीं। वहीं, अलवर जिले में करीब चार घंटे तक लगातार बारिश का दौर चला, जिससे तापमान में खासी गिरावट आई है।
राजधानी जयपुर: जयपुर में शुक्रवार सुबह करीब 20 मिनट तक तेज बरसात हुई, जिससे मौसम में अचानक ठंडक बढ़ गई और लोगों को हल्की सर्दी का अहसास हुआ।
चूरू के रतनगढ़ और सालासर: यहाँ लगातार हुई बरसात के चलते कई निचले इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) की स्थिति बन गई है।
शेखावाटी अंचल में भी मौसम का कड़ा तेवर देखने को मिला है:
लक्ष्मणगढ़ (सीकर): सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में गुरुवार रात डेढ़ बजे और फिर शुक्रवार तड़के 3 बजे से लगभग आधे-आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। यहाँ कुल 39 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री की गिरावट आई है। भारी पानीभराव के चलते शहर के मुख्य अस्पताल के बाहर भी पानी जमा हो गया।
सुजानगढ़ (चूरू): चूरू के सुजानगढ़ में सुबह 4 बजे से शुरू हुई तेज बारिश रुक-रुककर जारी रही। यहाँ कुल 16 मिमी बारिश के चलते तापमान में सीधे 7 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बरसात के बाद मुख्य बाजारों और कई कॉलोनियों में पानी भर गया।
पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में लगातार दूसरे दिन मौसम का खराब रुख देखने को मिला:
दीवार ढहने का हादसा: जिले के शंकरातोर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की करीब 60 फीट लंबी भारी-भरकम दीवार भरभरा कर गिर गई।
नुकसान: इस हादसे के मलबे में दीवार के पास रखा पशुओं का सूखा चारा और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह दब गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग दूर थे, जिससे कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक बदलाव के बाद मौसम के साफ होने की संभावना है।