जयपुर: राजस्थान में नौतपा के दौरान आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहा, जहां श्रीगंगानगर में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। वहीं, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और कोटा सहित कई जिले 'सीवियर हीटवेव' (तीव्र लू) की चपेट में रहे।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही तीखी धूप के साथ हीटवेव का दौर शुरू हो गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का मीटर कुछ इस तरह दर्ज किया गया:
श्रीगंगानगर: 47.0°C (प्रदेश में सबसे गर्म)
बीकानेर और फलोदी: 46.0°C
जैसलमेर: 45.6°C
कोटा: 45.4°C
पिलानी: 44.9°C
चूरू: 44.8°C
बाड़मेर: 44.4°C
चित्तौड़गढ़ और अलवर: 44.2°C
मरुधरा में केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब भट्टी की तरह तपने लगी हैं। जयपुर, कोटा, जोधपुर, नागौर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, हनुमानगढ़, करौली और दौसा जैसे शहरों में रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। मंगलवार को सबसे गर्म रात कोटा में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोग रात में भी उमस और गर्मी से बेहाल रहे।
भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे प्रदेश के लिए सीकर जिले से राहत की खबर आई। सीकर में मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला। आसमान में काले बादल छाने के साथ ही तेज ठंडी हवाएं चलीं और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण तपिश से काफी हद तक राहत मिली।
मौसम केंद्र जयपुर ने आगामी दिनों के लिए दोतरफा चेतावनी जारी की है:
हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग ने राज्य के 5 जिलों में अत्यधिक तेज गर्मी और लू का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
बारिश का येलो अलर्ट: राहत की बात यह है कि एक नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से 28 से 30 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा के इन 9 दिनों में तापमान अमूमन 40 से 45 डिग्री या उससे ऊपर बना रहता है। ऐसे में ऑफिस, बिजनेस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण लोगों को बाहर निकलना ही पड़ता है। लेकिन इस मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। धूप में निकलने से डीहाइड्रेशन (पानी की कमी), हीट स्ट्रोक (लू लगना), अत्यधिक थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा ढकें और लगातार पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का घोल लेते रहें।