जयपुर: राजस्थान में मानसूनी बारिश का दौर लगातार रौद्र रूप अख्तियार करता जा रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के अलवर, राजसमंद, कोटपूतली-बहरोड़, टोंक और जालोर सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। जोधपुर के भीतरी इलाकों में सड़कें नदी की तरह उफान पर आ गईं। वहीं चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक मकान पूरी तरह ढह गया।
उधर, पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में जारी भारी बारिश का सीधा असर राजस्थान के रेल यातायात पर भी पड़ा है, जिससे मुंबई रूट की कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि प्रदेश में 27 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर इसी तरह बना रहेगा।
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का कहर भी राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है:
चित्तौड़गढ़ में हादसा: शुक्रवार सुबह चित्तौड़गढ़ जिले के बिहारीपुरा गांव में तेज बारिश के दौरान कन्हैयालाल गुर्जर के मकान पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली के जोरदार धमाके से पूरा मकान जमींदोज हो गया। राहत की बात यह रही कि पूरा परिवार बरामदे में सोया हुआ था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
भीलवाड़ा में मातम: इससे पहले गुरुवार शाम को भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र स्थित कलाल खेड़ी गांव में बिजली गिरने से नाना और उनकी दोहिती की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
उदयपुर में रिकॉर्ड बारिश: उदयपुर के लसाड़िया क्षेत्र में बीते 24 घंटों में 11 इंच (275 MM) से भी अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियां-नाले उफान पर आ गए।
बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र में बारिश के बाद बड़ा नुकसान सामने आया है:
नहर टूटने से जलभराव: कंवरसेन लिफ्ट नहर का चैनल गेट अचानक टूट जाने से नहर का पानी आसपास के दर्जनों खेतों में बेकाबू होकर घुस गया।
फसलें बर्बाद: पानी के तेज बहाव के कारण करीब दो दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी लगभग 300 बीघा मूंगफली और कपास की तैयार फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर पश्चिम रेलवे के ट्रैफिक को बुरी तरह प्रभावित किया है:
ट्रेनें कैंसिल: पटरियों पर जलभराव और परिचालन कारणों के चलते जोधपुर और जैसलमेर से मुंबई आने-जाने वाली 3 प्रमुख ट्रेनों को रद्द (Cancel) कर दिया गया है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान के ऊपर तीन अलग-अलग मजबूत मौसमी तंत्र (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हैं:
शियर जोन हुआ विकसित: दक्षिणी राजस्थान के ऊपर एक मजबूत 'शियर जोन' (हवाओं का डायवर्जन) बन गया है, जहाँ पश्चिम (अरब सागर) और पूर्व (बंगाल की खाड़ी) से आने वाली मानसूनी हवाएं आपस में टकराकर डायवर्ट हो रही हैं।
4 दिन का अलर्ट: इन तीनों मौसमी सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव से अगले चार दिनों तक (27 जुलाई तक) पूरे राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।