पूर्वी जिलों में हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की आवक जारी है:
नोनेरा-ऐबरा बांध के खुले गेट: कोटा के इटावा स्थित नोनेरा-ऐबरा बांध के 3 गेट 5 मीटर तक खोलकर करीब 32 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बीसलपुर डैम की स्थिति: जयपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध का जलस्तर बढ़कर 314.09 आरएल मीटर पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में डैम में 4 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है।
तालाब और एनिकट छलके: पिछले 24 घंटों में बूंदी के तालेड़ा में सर्वाधिक 70 MM बारिश दर्ज की गई। अलवर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़ और दौसा में 1 इंच से अधिक पानी बरसा, जिससे कई छोटे जलस्त्रोत ओवरफ्लो हो गए हैं।
धौलपुर जिले से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है:
नदी पार करते समय हादसा: सकवारा क्षेत्र में पार्वती नदी की रपट पार करते समय 32 वर्षीय विजय सिंह पानी के तेज बहाव में बह गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलने पर पहुंची SDRF और सिविल डिफेंस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को नदी से बाहर निकाला।
जहाँ पूर्वी राजस्थान भीग रहा है, वहीं पश्चिमी जिलों में बारिश न होने से सूखा और भीषण गर्मी का माहौल है:
रिकॉर्ड गर्मी: मंगलवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में अगस्त महीने का राज्य में सर्वाधिक तापमान है।
बीकानेर भी तपा: श्रीगंगानगर के अलावा बीकानेर में भी दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के आंकड़े आने वाले दिनों में चिंता बढ़ाने वाले हैं:
मानसून ट्रफ शिफ्ट: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन उत्तर भारत की ओर शिफ्ट हो गई है। इसके असर से 27 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी।
बांधों की स्थिति: राज्य के कुल 693 बांधों में से इस सीजन में अब तक केवल 45 बांध ही ओवरफ्लो हुए हैं। वहीं 205 बांध पूरी तरह खाली हैं और 445 बांध आंशिक रूप से भरे हैं। वर्तमान में कुल भराव क्षमता का लगभग 56% पानी ही बांधों में उपलब्ध है, जबकि पिछले साल आज ही के दिन बांधों में इससे काफी अधिक पानी था।