जयपुर: मरुधरा में नौतपा के बीच शुक्रवार को मौसम ने करवट ली है। जयपुर, बीकानेर, चूरू, धौलपुर और झुंझुनूं जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई और कई स्थानों पर ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह नया वेदर सिस्टम आगामी 1 जून तक सक्रिय रहेगा। इसी बीच, आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) की एक डराने वाली रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें राजस्थान में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरों के प्रति सचेत किया गया है।
शुक्रवार को झुंझुनूं जिले के कई इलाकों में मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिला:
धूल का गुबार और अंधेरा: दोपहर बाद अचानक आए तेज अंधड़ के कारण आसमान में धूल का भारी गुबार छा गया। चारों तरफ इस कदर अंधेरा हो गया कि सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो गई।
भारी नुकसान: करीब 30 मिनट तक चले इस चक्रवाती अंधड़ और तूफान के कारण शहर व आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई मुख्य मार्गों पर लगे बड़े-बड़े साइन बोर्ड उखड़कर गिर गए, वहीं दर्जनों घरों और दुकानों की छतों पर लगे टिनशेड हवा में उड़ गए।
भीषण गर्मी से आम जनता को फौरी राहत देने के लिए भीलवाड़ा में एक अनोखी मुहिम देखने को मिली:
ठंडी की गईं सड़कें: भीलवाड़ा नगर निगम प्रशासन ने चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से झुलस रहे राहगीरों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया। प्रशासन ने फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ियों को काम पर लगाया और शहर की मुख्य एवं व्यस्त सड़कों पर पानी का सघन छिड़काव कराया, ताकि तपती सड़कों को ठंडा किया जा सके।
इससे पहले गुरुवार को प्रदेश की राजधानी जयपुर में सूरज ने आग उगली थी:
45 डिग्री के पार पारा: गुरुवार को जयपुर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया था।
हनुमानगढ़-गंगानगर में ओलावृष्टि: हालांकि, इसके बाद हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, अलवर और चूरू के मौसम में बदलाव हुआ और वहां तेज बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, जिससे मौसम सुहाना हो गया।
मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य के कई हिस्सों के लिए प्रशासनिक और जन-सुरक्षा चेतावनी जारी की है:
ऑरेंज अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने राजस्थान के उत्तर-पूर्वी जिलों में तीव्र अंधड़ (धूल भरी आंधी) चलने के साथ-साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विभाग का कहना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ (Weather System) 1 जून तक पूरी तरह एक्टिव रहेगा, जिससे तापमान में और कमी आने की संभावना है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) की राजस्थान की जलवायु पर आई एक ताजा रिपोर्ट ने सबको चिंता में डाल दिया है:
बढ़ता खतरा: इस वैज्ञानिक रिपोर्ट में राजस्थान में हर साल लगातार बढ़ रही अत्यधिक गर्मी और खतरनाक हीटवेव (लू) का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
हीट आइलैंड का असर: रिपोर्ट में बताया गया है कि कंक्रीट के बढ़ते जाल के कारण शहरों में 'हीट आइलैंड' (Heat Island) विकसित हो रहे हैं, जो रात के समय भी तापमान को कम नहीं होने देते। इस अत्यधिक गर्मी के कारण प्रदेश में होने वाली मौतों के आंकड़ों में भी चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा रेड सिग्नल है।