नई दिल्ली: देश भर में मानसून के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का प्रकोप जारी है, वहीं मध्य भारत में मानसून की रफ्तार थम गई है। बिहार में नदियों के उफान से लाखों लोग बेघर हो गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बिहार में पिछले 5 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। राज्य के 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस चुका है:
नदियां लाल निशान के पार: गंगा, कोसी, गंडक, घाघरा समेत 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
सारण में टूटा जमींदारी बांध: सारण जिले में माही नदी पर बना जमींदारी बांध अचानक टूट गया, जिससे आसपास के कई गांवों में तेजी से पानी भर गया और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
35 से 40 लाख की आबादी प्रभावित: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 35.89 लाख से अधिक (विस्तृत आकलन में 40.21 लाख) लोग इस भयानक प्राकृतिक आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं:
स्कूलों में छुट्टी घोषित: लखीमपुर और बरेली में कक्षा 8 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, वाराणसी में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद रहेंगे, जबकि कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित की जाएंगी।
23 जिलों में चेतावनी: मौसम विभाग ने प्रयागराज और वाराणसी सहित प्रदेश के 23 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम के दो अलग-अलग नजारे देखने को मिल रहे हैं:
पौड़ी में खतरा: पौड़ी गढ़वाल में भीषण लैंडस्लाइड के कारण कई घरों और दुकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे लोग खौफ में हैं। मौसम विभाग ने राज्य के पहाड़ी जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
केदारनाथ में निखरी बर्फबारी: केदारनाथ धाम में बीते दिन हुई बर्फबारी और धुंध के बाद आज सुबह मौसम पूरी तरह साफ हो गया। धूप खिलते ही केदारनाथ की पहाड़ियों पर जमी सफेद बर्फ का मनमोहक नजारा स्पष्ट दिखाई देने लगा।
मध्य भारत में मानसून की गतिविधियों में नरमी देखने को मिल रही है:
भोपाल मौसम केंद्र की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर ब्रेक ले लिया है।
11 सितंबर तक सूखा मौसम: मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 11 सितंबर तक प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश का कोई अनुमान नहीं जताया गया है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।