जयपुर: राजस्थान में मानसून के आगमन से पहले हो रही प्री-मानसून की बारिश ने प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बड़ी राहत दी है। राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में बुधवार सुबह से ही मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि, जयपुर में सुबह-सुबह चली तेज अंधड़ और हवाओं के कारण एक बड़ा पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी तीन दिनों तक राज्य में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
बुधवार सुबह राजधानी जयपुर के कई इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज रफ्तार से हवाएं चलने लगीं:
हादसे में तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त: सुबह चली इस तेज हवा के दबाव को एक बड़ा पेड़ झेल नहीं सका और अचानक उखड़कर गिर गया। हादसे के वक्त पेड़ के नीचे तीन कारें खड़ी थीं, जो इसके भारी-भरकम तने और डालियों के नीचे पूरी तरह दब गईं।
बड़ा नुकसान: इस घटना में तीनों कारों के शीशे टूट गए और उनकी छतें पूरी तरह पिचक गईं, जिससे वाहन स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय गाड़ियों में कोई सवार नहीं था।
मौसम केंद्र जयपुर ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश के एक बड़े हिस्से में खराब मौसम को लेकर चेतावनी (यलो अलर्ट) जारी की है:
23 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 23 जिलों के लिए तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इन संभागों पर असर: आगामी तीन दिनों तक बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के जिलों में मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी चलने, बादलों की आवाजाही बने रहने और मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान जताया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है:
10 जिलों में भारी बारिश: प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में पिछले 24 घंटों में 2 इंच (लगभग 50 मिलीमीटर) तक पानी बरस चुका है, जिससे नदी-नाले और सड़कों पर पानी बह निकला।
मलसीसर में रिकॉर्ड बारिश: मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश झुंझुनूं जिले के मलसीसर में दर्ज की गई, जहां 66 मिलीमीटर (MM) पानी गिरा।
तापमान में भारी गिरावट: इस लगातार हो रही आंधी और बारिश का सबसे बड़ा असर पारे पर पड़ा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान करीब 13 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है, जिससे लोगों को उमस और तपिश से पूरी तरह निजात मिल गई है।