राष्ट्रपति हर्जोग के मुताबिक, घटना के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बची हुई ताकत का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
हर्जोग ने कैप्टन स्मित के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से विमान में मौजूद कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
राष्ट्रपति ने कहा कि वह कैप्टन स्मित के साहस और उन कार्यों के लिए उनके आभारी हैं, जिनसे एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली। उन्होंने भारतीय पायलट के जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना भी की।
इजराइली राष्ट्रपति ने विमान में मौजूद चार यात्रियों यिनोन हायोन, त्ज्विका मैंस, असफ रेगुआन और डॉ. शोटा मोसियाश्विली से फोन पर बातचीत की। हर्जोग ने उन्हें बताया कि असाधारण साहस दिखाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति के नागरिक वीरता पदक से सम्मानित करने की सिफारिश करने का उनका इरादा है।
पदक देने की यह सिफारिश राष्ट्रपति के नागरिक वीरता पदक की सलाहकार समिति के सामने रखी जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं।
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि विमान में केवल इन चार यात्रियों ने ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी संकट के दौरान साहस और सूझबूझ दिखाई।
उन्होंने ताली मैंस, वैकल्पिक पायलट और कैप्टन स्मित मच्छार के योगदान का विशेष तौर पर उल्लेख किया। ताली मैंस ने कॉकपिट से आवाजें सुनने के बाद आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया।
वहीं, वैकल्पिक पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान के सुरक्षित उतरने तक उड़ान की कमान संभाली।
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने एक-दूसरे की मदद करते हुए साहस का परिचय दिया। उनके मुताबिक, इन लोगों के सामूहिक प्रयासों ने बड़ी त्रासदी को टालने में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि उन्हें इजराइली समाज के इन साहसी लोगों पर गर्व है। राष्ट्रपति की ओर से सम्मान की सिफारिश ऐसे समय की गई है, जब फ्लाईदुबई की इस उड़ान में हुई घटना के दौरान यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साहस की चर्चा हो रही है।