नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद OPT की फीस में लगभग 240 गुना की बढ़ोतरी होगी, जिससे भारतीय छात्रों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेशी छात्रों को वहां काम करने की अनुमति OPT (Optional Practical Training) के तहत ही मिलती है।
प्रस्तावित फीस: अब तक OPT की फीस लगभग 500 डॉलर (करीब 40-42 हजार रुपये) हुआ करती थी, जिसे बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (लगभग 96 लाख रुपये) करने की तैयारी है।
मंजूरी और प्रक्रिया: इस कठोर प्रस्ताव को व्हाइट हाउस की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, इसे अंतिम रूप से लागू करने से पहले जनता, शैक्षणिक संस्थानों और विशेषज्ञों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे।
अमेरिका इस समय विदेशी छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा जगह है, लेकिन नए नियम से बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित होंगे:
विदेशी और भारतीय छात्र: अमेरिका में वर्तमान में कुल 11 लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें 3.63 लाख भारतीय छात्र शामिल हैं।
अतिरिक्त वित्तीय बोझ: ट्यूशन फीस, रहने और खाने के खर्चों के ऊपर से लगभग 1 करोड़ रुपये की यह अतिरिक्त फीस छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद अमेरिका में रुकना लगभग असंभव बना देगी।
OPT व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को उनकी डिग्री पूरी होने के बाद अपनी पढ़ाई से संबंधित क्षेत्र में काम करने का अवसर मिलता है:
सामान्य ग्रेजुएशन कोर्स: साधारण ग्रेजुएशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के बाद 12 महीने (1 साल) तक अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलती है।
STEM कोर्स (साइंस, टेक, इंजीनियरिंग, मैथ्स): STEM विषयों के छात्रों को 12 महीने के अलावा 24 महीने का अतिरिक्त समय मिलता है। यानी वे कुल 36 महीने (3 साल) तक अमेरिका में रहकर जॉब कर सकते हैं।