लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन के करीब 200 कर्मचारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। गोमतीनगर स्थित सीएम हेल्पलाइन के कार्यालय के बाहर सुबह 9:30 बजे कर्मचारी इकट्ठा हुए। इसके बाद नारे लगाते हुए लोहिया पथ होते हुए मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर भागने लगे।
साइबर टावर से लोहिया पार्क तक पहुंचने में पुलिस ने उन्हें 4 बार रोकने की कोशिश की लेकिन रोक नहीं पाई। धीरे-धीरे पुलिस बल बढ़ता गया और संगीत नाटक अकैडमी के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई। यहां भी जब कर्मचारी नहीं रुके तो पुलिस वालों ने कर्मचारियों को बलपूर्वक घसीटकर सड़क किनारे करना शुरू कर दिया।
एक कर्मचारी ने रोते हुए कहा कि हेल्पलाइन ऑफिस में फोन जमा करा लिया जाता है। सैलरी 15 रुपए हर महीने के लिए कही गई थी और केवल 7000-8000 रुपए दिए जा रहे हैं। दो महीने की सैलरी भी रोककर दी जा रही है। करीब 1 घंटे की बातचीत के बाद पुलिस और कंपनी के अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन के कर्मचारियों को मना लिया। 5 कर्मचारियों को मुख्यमंत्री से मिलाने ले जाया जा रहा है। वहीं, अन्य सभी कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल सीएम हेल्पलाइन के कार्यालय गोमतीनगर के साइबर टॉवर भेज दिया गया है। सीएम हेल्पलाइन की कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि हेल्पलाइन के ऑफिस में जाने से पहले फोन जमा करा लिए जाते हैं। घर में कोई दिक्कत हो तो जब ऑफिस की छुट्टी होगी तभी जान पाएंगे। अगर हम नौकरी छोड़ते हैं तो अंतिम 25 दिन की सैलरी नहीं दी जाती। उतनी सैलरी बैकअप करके ही हर महीने पेमेंट हो रहा है।