महाजन थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित ईस्ट कैंप तक चोर आखिर किस तरह पहुंचे और उन्होंने वहां खड़े सैन्य वाहनों को निशाना कैसे बनाया।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की अलग-अलग यूनिट समय-समय पर युद्धाभ्यास और प्रशिक्षण के लिए पहुंचती हैं। इसी क्रम में 177 मीडियम रेजिमेंट, 122 मीडियम रेजिमेंट और 624 ईएमई बीकानेर रेंज की यूनिटें अपने सैन्य वाहनों के साथ अभ्यास के लिए पहुंची थीं।
युद्धाभ्यास के दौरान इन वाहनों को रेंज के ईस्ट कैंप में खड़ा किया गया था। बताया गया है कि 7 अगस्त की रात अज्ञात चोर कैंप में पहुंचे और उन्होंने वहां खड़े सैन्य वाहनों की तेल टंकियों के ढक्कन तोड़ दिए। इसके बाद टंकियों में मौजूद डीजल चोरी कर लिया गया।
सुबह जब सैन्य अधिकारियों को वाहनों की तेल टंकियों के साथ छेड़छाड़ का पता चला तो पूरे मामले की जानकारी ली गई। सेना ने अपने स्तर पर संभावित स्थानों पर तलाश की और सुराग जुटाने का प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिश के बाद भी आरोपियों का पता नहीं चल पाया।
सेना की ओर से आंतरिक स्तर पर तलाश के बाद अब मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया गया है। फील्ड फायरिंग रेंज के एडम कमांडेंट अजय ग्रेवाल की ओर से महाजन थाने में डीजल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
महाजन थानाधिकारी भजनलाल लावा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही चोरी से जुड़े संभावित सुरागों को जुटाने का प्रयास कर रही है।
इस घटना ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और प्रतिबंधित फील्ड फायरिंग रेंज के ईस्ट कैंप तक चोर आखिर पहुंचे कैसे?
रेंज में सेना के वाहनों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच चोरों ने न केवल कैंप तक पहुंच बनाई, बल्कि सैन्य वाहनों की तेल टंकियों के ढक्कन तोड़कर डीजल चोरी भी कर लिया। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ था या आरोपियों को रेंज और वहां की व्यवस्था की पहले से जानकारी थी।
पुलिस आसपास के संभावित इलाकों में सुराग तलाश रही है। रेंज के आसपास आने-जाने वाले लोगों, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात वाली रात क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं हुई थीं। घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज सामरिक और सैन्य प्रशिक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे संवेदनशील इलाके में सैन्य वाहनों से डीजल चोरी की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब जांच के दौरान यह सामने आना बाकी है कि चोरी के पीछे कौन लोग थे, वे रेंज के ईस्ट कैंप तक कैसे पहुंचे और सैन्य वाहनों को ही निशाना बनाने के पीछे उनकी क्या मंशा थी। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।