Crime

खाटू्श्यामजी में भक्तों को लूटने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार

सीकर में खाटूश्यामजी में चोरों के एक गिरोह के 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पति-पत्नी और रिश्तेदार शामिल हैं। सभी आरोपी मिलकर एक गिरोह के रूप में काम करते हैं। इनमें महिलाएं तो एक ग्रुप बनाकर टारगेट के चारों ओर फैल जाती हैं। इसके बाद उन्हें बातों में लगाकर उनसे सोने की चेन छीनने जैसी वारदात करती हैं।

मौका पाकर महिलाएं या तो वहां से फरार हो जाती हैं, या फिर वारदात करने के तुरंत बाद अपने पुरुष साथियों को चेन सौंप देती हैं, जिससे कि यदि महिलाएं पकड़ी भी जाएं तो उनसे चेन बरामद न हो सके। नए साल के मौके पर पुलिस ने प्लानिंग के तहत भीड़ से इन सभी आरोपियों को दबोचा। SHO पवन कुमार चौबे ने बताया-पूर्व में एकादशी और मासिक मेले के दौरान चेन स्नेचिंग,जेब काटने की कई घटनाएं सामने आई थी। ऐसे में इस बार नए साल के मौके पर DST टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव,कैलाश चंद यादव और टीम के साथ मिलकर प्लानिंग की गई।

दर्शनों के एंट्री एरिया से लेकर एग्जिट एरिया तक सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। जिन्होंने पूर्व में हो चुकी घटनाओं के तरीके पर नजर रखी गई। जैसे ही पुलिस को कुछ संदिग्ध नजर आया उसके आधार पर पुलिस ने गैंग के लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने इस तरह की वारदातें करना कबूल किया।  खाटूश्यामजी में चेन स्नैचिंग के आरोप में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें भूमिका पत्नी दीपक (निवासी नरेडा, पटौदी, हरियाणा), पिंकी पत्नी मनोज बावरिया (निवासी बहरोड), पूजा पत्नी सोनू (निवासी नरेडा), और टीना  पत्नी विकास (निवासी नरेडा) शामिल हैं।

इनके अलावा शर्मिला पत्नी रामचंद्र (निवासी नरेडा), ज्योति  पत्नी राजकुमार (निवासी फिरोजपुर), काजल  पुत्री सुंदरलाल (निवासी झज्जर), राखी कुमारी पुत्री रमेश (निवासी गाजियाबाद), दर्शना पत्नी राजू (निवासी गाजियाबाद), कोमल पुत्री रामानंद (निवासी नरेडा), और जयपाल  पुत्र चंद्रभान (निवासी फिरोजपुर) भी गिरफ्तार किए गए हैं।

राजकुमार पुत्र जयपाल (निवासी फिरोजपुर), जयकरण पुत्र रमेश (निवासी हरियाणा), मोहनसिंह पुत्र भूपसिंह (निवासी नरेडा), दीपक  पुत्र राजू (निवासी नरेडा), भरतपाल  पुत्र राजेश (निवासी नरेडा), रोहित  पुत्र किशनपाल (निवासी नरेडा), और प्रवीण चौहान पुत्र उम्मेद सिंह (निवासी नरेडा) शामिल हैं। यह गिरोह पिछले सात-आठ महीनों से सक्रिय था। गिरोह के सदस्य हर महीने एकादशी जैसे भीड़भाड़ वाले दिनों में वारदात करने के लिए किराए की गाड़ी लेकर खाटूश्यामजी आते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद, वे तुरंत फरार हो जाते थे। खाटू में अत्यधिक भीड़ के कारण, इन आरोपियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

SHO पवन कुमार चौबे ने बताया- इस बार इतनी भीड़ होने के बावजूद भी चेन स्नैचिंग की एक भी घटना नहीं हुई। पुलिस की सतर्कता के कारण गिरोह को वारदात करने का मौका नहीं मिला।