टोंक की मस्जिद में जिंदा जलाए गए व्यक्ति ने जयपुर के हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वहीं, आरोपी इमाम हमले के बाद से फरार है। आरोपी ने पेट्रोल डालकर आग लगाई थी।
इसके बाद बाहर से गेट बंद कर दिया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (19 मार्च) सुबह 8 बजे कलमंडा गांव की है। डिग्गी थाना प्रभारी गोपाल चौधरी ने बताया- मृतक हकीम पिनारा 18 मार्च की रात को मस्जिद में हकीम पीनारा (48) और इमाम आबिद अब्दुल रशीद (30) के बीच विवाद हो गया था। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे जब हकीम मस्जिद में नमाज पढ़ने आया था। नमाज के बाद वो टॉयलेट में गया था।
तभी आरोपी ने उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आशंका है कि एक दिन पहले हुए विवाद के कारण इमाम ने उस पर हमला किया था। आग लगाने के बाद आरोपी इमाम ने टॉयलेट के गेट को बाहर से बंद कर दिया। हकीम काफी देर तक अंदर से मदद के लिए पुकारता रहा। करीब दस मिनट के बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर मस्जिद के पास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे।
उन्होंने 70 फीसदी झुलसे हकीम को मालपुरा के हॉस्पिटल में एडमिट कराया। जहां से उसे जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) रेफर कर दिया। गुरुवार रात 10 बजे हकीम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कलमंडा गांव का ही रहने वाला था। वो अक्सर जामा मस्जिद में जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी आबिद अब्दुल रशीद मूल रूप से जोधपुर जिले के बिलाड़ा का रहने वाला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उसे लेकर पहले भी शिकायतें थी।
वहीं, हकीम पीनारा परिवार के साथ जयपुर में रहकर मजदूरी करता था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है, जो जयपुर में पढ़ाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब 10 दिन पहले ही हकीम अपने गांव आया था।