जयपुर। राजधानी जयपुर के कानोता इलाके में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। बालाजी नगर स्थित एक नई कॉलोनी में बने पुराने सूखे कुएं की मुंडेर पर बैठकर शराब पी रहा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब 120 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। हादसे के बाद युवक कुएं के अंदर गंभीर हालत में फंस गया और दर्द से कराहते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगा। कुएं से आ रही आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कानोता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकालने के लिए सिविल डिफेंस की टीम को बुलाया गया। इसके बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रस्सियों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सिविल डिफेंस के जवान कुएं में उतरे और घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
कानोता थाना पुलिस के ASI जगदीश के अनुसार, कुएं में गिरने वाले युवक की पहचान 40 वर्षीय नरेश कोली के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के बामनवास का रहने वाला है और फिलहाल जयपुर में रहकर मजदूरी का काम करता है।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे नरेश कानोता इलाके के बालाजी नगर स्थित एक नई कॉलोनी में गया था। कॉलोनी में एक पुराना सूखा कुआं बना हुआ है। बताया जा रहा है कि नरेश कुएं की मुंडेर पर बैठा हुआ था और शराब पी रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाता, वह सीधे करीब 120 फीट नीचे कुएं में जा गिरा।
गहराई अधिक होने के कारण कुएं में गिरने के बाद नरेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, वह होश में था और दर्द के कारण लगातार मदद के लिए चिल्ला रहा था।
हादसे के बाद नरेश काफी देर तक कुएं के अंदर मदद के लिए आवाज लगाता रहा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने कुएं के अंदर से रोने और चिल्लाने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर लोगों ने कुएं के पास जाकर अंदर झांककर देखा तो एक युवक नीचे पड़ा हुआ दिखाई दिया।
राहगीरों ने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद कानोता थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सिविल डिफेंस टीम को बुलाया।
कुआं करीब 120 फीट गहरा होने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती थी। घायल युवक को बाहर निकालने के दौरान उसकी सुरक्षा के साथ-साथ बचाव दल के सदस्यों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी था। सिविल डिफेंस की टीम ने सुरक्षा इंतजामों के साथ रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद टीम नरेश तक पहुंचने में सफल रही। घायल युवक को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और रेस्क्यू टीम ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
कुएं की गहराई और घायल युवक की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी सावधानी बरती गई। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नरेश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसे एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से कुएं के पास सावधानी बरतने की अपील की है। हादसे ने एक बार फिर खुले और पुराने कुओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा घेरा नहीं होने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
फिलहाल पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाई है। युवक के अस्पताल में उपचार के बाद ही उसकी चोटों और स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी