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अजमेर हत्याकांड में बड़ा खुलासा: कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी और परिवार की जिंदा जलने से नहीं, बल्कि हत्या के बाद गाड़ी में फूंकने की आशंका; पहली पत्नी हिरासत में

अजमेर: बागोड़ा क्षेत्र में पूर्व सरपंच व कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी सहित उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत का मामला पूरी तरह उलझ गया है। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आ रही है कि चारों सदस्यों की पहले धारदार हथियार से वार कर बेरहमी से हत्या की गई और उसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को स्कॉर्पियो कार में डालकर आग लगा दी गई। इस वीभत्स हत्याकांड का आरोप किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी पर लग रहा है, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

 

घर में मिले खून के निशान, ट्रैक्टर से डीजल निकालकर धोया गया फर्श

पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी श्रीरामपुरा गांव के निवासी थे। वारदात की सूचना के बाद जब पुलिस की स्पेशल टीम उनके सूने घर की जांच करने पहुंची, तो वहां के हालातों ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए:

  • खूनी सबूत: घर के भीतर पुलिस को कुछ ईंटें और फर्श पर खून के गहरे निशान मिले हैं, जिससे अंदेशा है कि चारों लोगों को पहले घर के अंदर ही मौत के घाट उतारा गया था।

  • साक्ष्य मिटाने की कोशिश: घर में एक माचिस भी बरामद हुई है। इसके अलावा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने घर में खड़े ट्रैक्टर की टंकी से डीजल निकाला और वारदात को छिपाने के लिए पूरे घर के फर्श को अच्छी तरह धोकर साफ करने की कोशिश की। इसके बाद शवों को घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर गाड़ी सहित जलाने का रूप दे दिया गया।

 

मौत से 5 घंटे पहले किया था आखिरी फेसबुक पोस्ट

इस सामूहिक हत्याकांड से पहले रामसिंह चौधरी की सोशल मीडिया एक्टिविटी भी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। रामसिंह की मौत सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई, लेकिन उससे करीब पांच घंटे पहले यानी रात 12 बजे उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक आखिरी पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने खुद की पुलिस सुरक्षा हटाए जाने को लेकर सरकार और विरोधियों पर तीखे सवाल दागे थे।

 

3 घंटे में किए एक के बाद एक 13 पोस्ट, जान-माल के खतरे का किया था जिक्र

पूर्व सरपंच मौत से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर असामान्य रूप से सक्रिय थे। उन्होंने महज तीन घंटे के भीतर अपने फेसबुक पेज पर लगातार 13 पोस्ट किए:

  • गनमैन हटाने पर आपत्ति: उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "मुझे जान-माल का खतरा होने के कारण ही सरकार ने पुलिस सुरक्षा हेतु गनमैन दिया था, तो इस बात से किसी को क्या एतराज था? इससे लोगों को क्या दिक्कत है?"

  • राजनीतिक कमेंट्स: इन पोस्ट्स में उन्होंने स्थानीय राजनीति को लेकर भी कई तल्ख टिप्पणियां की थीं और लिखा था कि उनके सरपंच बनने पर आखिर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है।

 

पुलिस का दावा: जल्द होगा पूरे मामले का आधिकारिक पटाक्षेप

बोराड़ा थाना पुलिस और अजमेर के आला अधिकारी इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। घर के भीतर मिले संदिग्ध साक्ष्यों, ट्रैक्टर से डीजल निकालने की थ्योरी और रामसिंह चौधरी के सोशल मीडिया पोस्ट्स को आधार बनाकर कड़ाई से जांच की जा रही है। पुलिस ने रामसिंह की पहली पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस खूनी साजिश के पीछे के सभी चेहरों को बेनकाब कर मामले का आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा।

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