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जयपुर: डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चुनाव के बाद बवाल, पूर्व DGP रवि प्रकाश मेहरड़ा समेत एक दर्जन पर FIR

जयपुर में डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के चुनाव के बाद बड़ा विवाद सामने आया है। चुनाव संपन्न होने के बाद हुए हंगामे, मारपीट, धमकी और लूट के आरोपों को लेकर गांधीनगर थाना पुलिस ने राजस्थान के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) रवि प्रकाश मेहरड़ा, उनके भाई प्रशांत मेहरड़ा सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर सोसायटी के लेटरपैड पर देवदत्त सिंह द्वारा गांधीनगर थाने में दर्ज करवाई गई है।

वहीं, पूर्व डीजीपी के भाई की तरफ से भी दूसरे पक्ष पर गांधीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसमें फर्जी वोटिंग करवाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एफआईआर के अनुसार, डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी की केंद्रीय कार्यकारिणी का कार्यकाल 13 नवंबर 2025 को समाप्त हो गया था। इसके बाद चुनाव अधिकारी द्वारा 15 नवंबर 2025 को चुनाव प्रक्रिया शुरू कराई गई। 4 जनवरी 2026 को मतदान और 6 जनवरी 2026 को मतगणना के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।  एफआईआर के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को नवनिर्वाचित पदाधिकारी और सदस्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और कार्यग्रहण के लिए सोसायटी परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान एफआईआर में नामजद पूर्व DGP रवि प्रकाश मेहरड़ा, प्रशांत मेहरड़ा और अन्य लोग अपने समर्थकों के साथ सोसायटी के मुख्य गेट पर पहुंचे। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों व सदस्यों को अंदर जाने से रोक दिया।

 एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने गाली-गलौच की। जान से मारने की धमकियां दी। जबरन सोसायटी में प्रवेश से रोका। महिलाओं और समाज के सीनियर लोगों के बार-बार गेट खोलने की अपील के बावजूद नहीं खोला गया। इसके बाद महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की गई। महिलाओं को जमीन पर गिराकर पीटा गया। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

एफआईआर में यह भी लिखा है कि घटना के दौरान नकदी और अन्य सामान लूट लिया गया, जिससे सोसायटी सदस्यों की जान-माल को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। परिसर में दहशत का माहौल बन गया। एफआईआर में चोट पहुंचाने, गलत तरीके से रोकने, जानलेवा हमला करने, धमकी देने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पूर्व DGP रवि प्रकाश मेहरड़ा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में मेरे भाई प्रशांत के साथ मारपीट की गई। उनके पैनल को नामांकन भरने का अवसर नहीं दिया गया। मेरे भाई प्रशांत मेहरड़ा के साथ गंभीर मारपीट हुई, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।पूर्व DGP के भाई प्रशांत मेहरड़ा ने भी गांधीनगर थाने में अलग से मुकदमा दर्ज करवाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और उनके पैनल के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया, नामांकन से वंचित किया गया। हनुमानप्रसाद पर फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाया गया और पुलिस की मौजूदगी में ताले तोड़े गए। फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।